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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:56 · नई दिल्ली संस्करण

साइबर धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली पुलिस ने दस आरोपियों को किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
साइबर धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली पुलिस ने दस आरोपियों को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने 'म्यूल अकाउंट' सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पीओएस मशीनें, एटीएम कार्ड, चेक बुक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह साइबर अपराध से मिली रकम को आगे भेजने के लिए इस्तेमाल होने वाले बैंक अकाउंट हासिल करने, उन्हें संचालित करने और उनकी सप्लाई करने का काम करता था। इस मामले में बीएनएस की धाराओं के तहत केस दर्ज कर 10 आरोपियों को दबोचा है।

पुलिस जांच में सामने आया कि केरल की रहने वाली एक महिला शिकायतकर्ता से दो लाख रुपए की धोखाधड़ी कर यश बैंक में मौजूद एक अकाउंट में पाई गई।

वित्तीय लेन-देन की जांच के दौरान पता चला कि यह अकाउंट एक बड़े नेटवर्क के हिस्से के तौर पर खोला और संचालित किया गया था।

पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान साहिबाबाद के रहने वाले अकाउंट होल्डर योगेंद्र कुमार से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी मुलाकात विजय नाम के व्यक्ति से हुई थी, जिसने नौकरी दिलाने के बहाने उसका बैंक अकाउंट खुलवाया था। बाद में, इस अकाउंट का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड से मिले पैसे लेने के लिए किया गया।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर दस आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया।

सभी आरोपियों को संबंधित कोर्ट में पेश किया गया है। अन्य साथियों, लाभार्थियों और उन साइबर अपराधियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है, जिन्होंने साइबर अपराध करने के लिए इन अकाउंट्स का इस्तेमाल किया था।

जांच से पता चला कि आरोपी एक संगठित 'म्यूल अकाउंट सप्लाई रैकेट' चला रहे थे।

यह गैंग नौकरी के झूठे मौके और पैसे का लालच देकर बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाता था। ऐसे लोगों को अपने नाम पर बैंक अकाउंट खोलने के लिए कहा जाता था। आरोपी अकाउंट की जानकारी (क्रेडेंशियल्स), एटीएम कार्ड, चेक बुक, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधाएं अपने कब्जे में ले लेते थे।

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