दोस्त की नाबालिग बेटी से रेप मामले में प्रेमोदय खाखा के खिलाफ 8 जुलाई को होगी सुनवाई
नई
दिल्ली,। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने अपने दोस्त की
नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने के आरोपित दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी
प्रेमोदय खाखा के खिलाफ आरोप तय करने के मामले पर सुनवाई टाल दी है। एडिशनल
सेशंस जज बलविंदर सिंह ने मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को करने का आदेश
दिया।
आज सुनवाई के दौरान इस मामले के जांच अधिकारी
के उपलब्ध नहीं होने की वजह से सुनवाई टाल दी गई। कोर्ट ने 8 नवंबर 2023
को दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। कोर्ट ने कहा
था कि आरोपितों के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त तथ्य हैं, जिससे कि मामले
को आगे बढ़ाया जा सके।
प्रेमोदय खाखा और उसकी पत्नी सीमा रानी
फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। दिल्ली पुलिस ने खाखा को 21 अगस्त 2023 को
पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। खाखा की पत्नी सीमा रानी को कोर्ट ने पहले
ही हिरासत में भेजा था। खाखा पर आरोप है कि उसने अपनी दोस्त की नाबालिग
बेटी के साथ नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच कई बार रेप किया। दिल्ली
पुलिस के मुताबिक पीड़िता के पिता की 1 अक्टूबर 2020 में मौत हो गई थी,
जिसके बाद खाखा ने उसे अपने घर उसकी देखभाल के लिए बुला लिया था। पीड़िता
खाखा को मामा कहकर बुलाती थी। खाखा की पत्नी ने पीड़िता को गर्भ हटाने वाली
गोली खिलाई थी।
दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ पॉक्सो के विभिन्न
प्रावधानों के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2)(एफ) , 509, 506,
323, 313, और 120बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। खाखा दिल्ली सरकार के महिला
और बाल विकास विभाग में डिप्टी डायरेक्टर था। मामला सामने आने के बाद उसे
निलंबित कर दिया गया है।





