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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:50 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली सरकार देगी महिला स्टार्टअप्स को 10 करोड़ रुपये तक का बिना गिरवी ऋण, गारंटी सरकार की: सीएम रेखा गुप्ता

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
दिल्ली सरकार देगी महिला स्टार्टअप्स को 10 करोड़ रुपये तक का बिना गिरवी ऋण, गारंटी सरकार की: सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी की महिलाओं को आत्मनिर्भर, उद्यमी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है।

इसी दिशा में सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप्स के लिए 10 करोड़ रुपये तक के कोलैटरल-फ्री लोन (बिना गिरवी ऋण) की व्यवस्था की है, जिसकी गारंटी स्वयं दिल्ली सरकार लेगी।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार अब मॉल और बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों में स्वदेशी उत्पादों के लिए नियमित रूप से उचित मंच उपलब्ध कराएगी, जहां स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सके।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार शाम उत्तर पश्चिम दिल्ली स्थित यूनिटी वन मॉल, रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास आयोजित दो दिवसीय ‘मेगा सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) मेला-2026’ के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी लगातार ‘स्वदेशी अपनाओ’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ का विजन देश के सामने रख रहे हैं। उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यह मेला महिलाओं द्वारा तैयार स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने और उन्हें बाजार से जोड़ने का सशक्त प्रयास है।

इस अवसर पर सांसद योगेंद्र चंदोलिया, विधायक कुलवंत राणा, उत्तर पश्चिम जिला की डीएम सौम्या सौरभ, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं उपस्थित थीं। मेले का आयोजन उत्तर पश्चिम जिला प्रशासन द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की महिलाएं घरों में रहकर छोटे-छोटे उद्योगों और हस्तनिर्मित उत्पादों के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग विदेशी ब्रांडों के पीछे भागते हैं, जबकि भारत में बने हस्तशिल्प, खादी, घरेलू उत्पाद और हस्तनिर्मित वस्तुएं गुणवत्ता में किसी से कम नहीं हैं। जरूरत केवल उनकी बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग की है।

उन्होंने कहा कि आज भारत रक्षा, अंतरिक्ष, कृषि और विनिर्माण सहित हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारतीय उत्पाद दुनिया भर में निर्यात हो रहे हैं। ऐसे में महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे घरेलू और हस्तनिर्मित उत्पादों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे विदेशी वस्तुओं के बजाय स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों का अधिक उपयोग करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार चाहती है कि राजधानी की प्रत्येक महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़े, अपना उत्पाद तैयार करे और उसे बाजार तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि सरकार बैंकों के माध्यम से महिलाओं को आसान ऋण उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास कर रही है। इस मेले में विभिन्न बैंकों को भी शामिल किया गया, ताकि स्वयं सहायता समूहों की बैंकिंग और वित्तीय पहुंच मजबूत हो सके।

मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप्स के लिए 10 करोड़ रुपये तक के कोलैटरल-फ्री लोन (बिना गिरवी ऋण) की व्यवस्था की है, जिसकी गारंटी स्वयं दिल्ली सरकार ले रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आह्वान किया है। दिल्ली सरकार भी उसी दिशा में ‘मंडे मेट्रो’ और ‘नो व्हीकल डे’ जैसे अभियानों को बढ़ावा दे रही है, ताकि ईंधन की बचत हो और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि यदि लोग अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करें, तो उसका सीधा लाभ देश को मिलेगा।

इस मेगा मेले में लगभग 24 स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया। मेले में हस्तशिल्प, क्रोशिया कार्य, खादी, घरेलू उत्पाद, खाद्य सामग्री और अन्य हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं बिक्री की गई।

उत्तर पश्चिम जिले के ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ के तहत हस्तशिल्प को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े जिला प्रशासन और सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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