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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:56 · नई दिल्ली संस्करण

तटरक्षक बल को मजबूती देने के लिए रक्षा मंत्री ने किए दो बड़े नीति सुधारों का ऐलान

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
तटरक्षक बल को मजबूती देने के लिए रक्षा मंत्री ने किए दो बड़े नीति सुधारों का ऐलान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के अधिकारियों और उनके परिवारों के हित में दो महत्वपूर्ण नीति सुधारों की घोषणा की है। इन सुधारों का उद्देश्य महिलाओं को पुरुषों के समान अवसर उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले तटरक्षक कर्मियों के परिवारों को अनुग्रह राशि और अन्य लाभ अविलंब कराना है।

रक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले पांच दशकों में भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव अभियानों तथा तटीय निगरानी में उल्लेखनीय योगदान दिया है। राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि ये नई नीतियां तटरक्षक बल का मनोबल बढ़ाने के साथ उसकी ऑपरेशनल क्षमता को भी और मजबूत करेंगी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 में स्वर्ण जयंती की ओर बढ़ रहे भारतीय तटरक्षक बल को आधुनिक, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार समुद्री सुरक्षा बल बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। रक्षामंत्री द्वारा जारी पहली नीति के तहत भारतीय तटरक्षक बल में अधिकारियों की भर्ती और सेवा संबंधी व्यवस्था को पूरी तरह लैंगिक-तटस्थ बनाया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार महिलाओं को अब पुरुष अधिकारियों के समान लघु सेवा नियुक्ति और स्थायी नियुक्ति दोनों में भर्ती का अवसर मिलेगा।

पुरुष अभ्यर्थियों के लिए भी लघु सेवा नियुक्ति का प्रावधान खोला गया है।

प्रशिक्षण के शुरुआती चरण से ही महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर मिलेंगे। पहले से स्थायी नियुक्ति पर कार्यरत महिला अधिकारियों को पात्रता पूरी करने पर उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए भी विचार किया जाएगा।

इसके अलावा वर्तमान में शॉर्ट सर्विस नियुक्ति पर कार्यरत महिला अधिकारियों को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर स्थायी नियुक्ति में परिवर्तित होने का विकल्प मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह फैसला नारी शक्ति को बढ़ावा देने और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।

दूसरी नीति ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों के परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से बनाई गई है। इसके तहत ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले तटरक्षक कर्मी को अनुग्रह राशि देने के उद्देश्य से मृत मान लेने का अधिकार निर्धारित किया गया है।

इससे अनुग्रह राशि और सेवा समाप्ति से जुड़े अन्य वित्तीय लाभ देने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और सरल हो जाएगी। वहीं लंबे समय तक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और परिवारों को कठिन समय में शीघ्र आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन सुधारों से ड्यूटी के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए लापता होने वाले कर्मियों के परिजनों को अनावश्यक प्रशासनिक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें समय पर सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी।

इन नीति सुधारों की घोषणा नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-2 में की गई। इस कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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