बिहार में इंडी गठबंधन में दिखने लगी दरार -सीट बंटवारे में कांग्रेस के हाथ खाली

बिहार में इंडी गठबंधन में दिखने लगी दरार
-सीट बंटवारे में कांग्रेस के हाथ खाली
पटना- लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन चल रहा है। वहीं अभी तक इंडी गठबंधन का बिहार में सीट शेयरिंग की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। इसका कारण है राजद और कांग्रेस में सीटों का तालमेल न होना। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा था कि पार्टी बिहार में दस से कम लोकसभा सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी और हमारी दस सीटों की मांग बरकरार है। वहीं कांग्रेस के हाथ से उसका परंपरागत सीट भी खिसक गया है।कांग्रेस शुरु से हीं औरंगाबाद, बेगूसराय, कटिहार की मांग राजद से करती रही है। सीट शेयरिंग की आधिकारिक घोषणा से पहले हीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और वामपंथी पार्टियां लगातार अपने प्रत्याशियों नाम की घोषणा कर रही है और उन्हें सिंबल भी देती जा रही है।वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश सिंह इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।कांग्रेस लगातार औरंगाबाद और बेगूसराय लोकसभा सीट राजद से लगातार मांग रही थी। इन दोनों सीटों से कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतारना चाहती थी , लेकिन औरंगाबाद से राजद ने और बेगूसराय से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने-अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। कटिहार और पूर्णिया सीट पर भी कांग्रेस दावा ठोक रही थी। पूर्णिया से पप्पू यादव ताल ठोकने के लिए बेचैन थे लेकिन बीमा भारती को राजद ने टिकट देकर उनके सपने पर पानी फेर दिया है। राजद कांग्रेस को मधेपुरा सीट दे रही है।कटिहार पर भी राजद अपना प्रत्याशी खड़ा करना चाहती है तो कांग्रेस के हाथ से यह सीट भी फिसल गई है। कभी दस से कम सीट पर नहीं लड़ने का दावा करने वाली कांग्रेस बिहार में सकते में है। सीट शेयरिंग में राजद कांग्रेस को कितना और कौन सा सीट देगी इस पर सवाल खड़ा होने लगा है। एक तरफ राजद सुप्रीमो फंट पर बल्लेबाजी कर रहे हैं वहीं कांग्रेस ने मौन साध रखा है तो सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर कांग्रेस की बेबसी का कारण क्या है।





