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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:26 · नई दिल्ली संस्करण

कंपनियों का सीएसआर खर्च 1.44 लाख करोड़ रुपए के पार, एमसीए21 पोर्टल पर 3.84 करोड़ फाइलिंग दर्ज

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कंपनियों का सीएसआर खर्च 1.44 लाख करोड़ रुपए के पार, एमसीए21 पोर्टल पर 3.84 करोड़ फाइलिंग दर्ज

नई दिल्ली। सरकार के अनुसार, पिछले पांच वित्तीय वर्षों (2019-20 से 2023-24) के दौरान कंपनियों द्वारा किए गए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) खर्च की सालाना फाइलिंग 1,44,159 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गई है।

कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि कंपनियों द्वारा किए गए सीएसआर खर्च से जुड़ी सभी जानकारी एमसीए21 रजिस्ट्री में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है, जिसमें राज्यवार, वर्षवार, कंपनीवार और प्रोजेक्टवार विवरण शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सीएसआर गतिविधियों की योजना बनाना, उन्हें लागू करना और उनकी निगरानी करना कंपनी के बोर्ड की जिम्मेदारी होती है।

कंपनी (सीएसआर नीति) नियम, 2014 के नियम 8 के अनुसार, जिन कंपनियों की पिछले लगातार तीन वित्तीय वर्षों में औसत सीएसआर जिम्मेदारी 10 करोड़ रुपए या उससे अधिक रही है, उन्हें अपने सीएसआर प्रोजेक्ट्स का इम्पैक्ट असेसमेंट (प्रभाव मूल्यांकन) कराना जरूरी है।

यह मूल्यांकन किसी स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा। यह नियम उन सीएसआर परियोजनाओं पर लागू होता है, जिन पर 1 करोड़ रुपए या उससे अधिक खर्च किया गया हो और जो परियोजनाएं इम्पैक्ट स्टडी शुरू करने से कम से कम एक साल पहले पूरी हो चुकी हों।

मंत्री ने यह भी बताया कि 2021 से 2025 के बीच एमसीए21 पोर्टल के जरिए लगभग 3.84 करोड़ फाइलिंग की गईं।

इनमें से 3.33 करोड़ फाइलिंग सीधे प्रक्रिया के तहत मंजूर की गईं। करीब 40.8 लाख फाइलिंग संबंधित रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज और क्षेत्रीय निदेशकों द्वारा मंजूर की गईं, जबकि लगभग 8.3 लाख फॉर्म संबंधित अधिकारियों द्वारा खारिज किए गए।

उन्होंने बताया कि कारोबार को आसान बनाने, नियमों के पालन को मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एमसीए21 का नया संस्करण 'एमसीए21 वी3ट शुरू किया गया है।

इस नए सिस्टम में वेब फाइलिंग, एलएलपी मॉड्यूल, कंपनी मॉड्यूल, ई-एन्फोर्समेंट, ई-एडजुडिकेशन, ई-कंसल्टेशन और ई-बुक लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं।

इसके अलावा, एमसीए21 पोर्टल से जुड़ी शिकायतों को दूर करने के लिए एक हेल्प डेस्क भी बनाई गई है।

वित्त वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी 2026 तक इस पोर्टल पर 3,16,877 हेल्प डेस्क टिकट दर्ज किए गए, जिनमें से लगभग 98 प्रतिशत समस्याओं का सफलतापूर्वक समाधान कर दिया गया।

इन शिकायतों में तकनीकी दिक्कतें, जानकारी से जुड़ी समस्याएं, प्रक्रिया संबंधी अनुरोध और सुझाव शामिल थे। मंत्री ने कहा कि एमसीए21 एक ऐसा सिस्टम है जहां हर साल बड़ी संख्या में ऑनलाइन फॉर्म जमा किए जाते हैं, इसलिए इसे लगातार बेहतर और मजबूत बनाया जा रहा है।

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