मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

रिहायशी इलाकों में कारोबार पर सख्ती, भोपाल में आज से सीलिंग अभियान

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
रिहायशी इलाकों में कारोबार पर सख्ती, भोपाल में आज से सीलिंग अभियान

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल के रिहायशी इलाकों में आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम आज सोमवार से बड़ी कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। निगम की टीमें पुलिस बल की मौजूदगी में चिन्हित प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई करेंगी। रविवार को संबंधित प्रतिष्ठानों पर 24 घंटे के अंतिम नोटिस चस्पा किए गए। सोमवार को शहर के छह प्रमुख स्थानों पर कार्रवाई प्रस्तावित है।

कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मिसरोद, हबीबगंज, रातीबड़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा, ऐशबाग और कोलार थाना क्षेत्रों से पुलिस बल तैनात किया जाएगा। निगम ने 26 अगस्त तक रिहायशी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े कुल 8264 नोटिस जारी किए थे। नोटिसों के परीक्षण और स्थल सत्यापन के बाद अब कार्रवाई का चरण शुरू किया जा रहा है। निगम की कार्रवाई के तहत वार्ड-58 के गौतम नगर स्थित एक रिहायशी भवन में संचालित होटल को पहले ही सील किया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक नोटिसों की जांच और संबंधित भवनों की स्थिति का परीक्षण लगातार किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के बाद अन्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी सख्ती

रिहायशी भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद नगर निगम की कार्रवाई तेज हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगाई थी। साथ ही इस मामले में हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले राहत संबंधी आदेशों को भी निरस्त किया था। सुप्रीम कोर्ट ने जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है। इससे पहले नगर निगम को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसी के मद्देनजर नोटिस, सर्वे और सीलिंग की कार्रवाई को गति दी गई है।

कारोबारियों में चिंता, वैकल्पिक जगह तलाश रहे

सीलिंग की कार्रवाई की सख्ती के बाद रिहायशी भवनों में कारोबार कर रहे दुकानदारों में चिंता बढ़ गई है। अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन और लालघाटी सहित कई क्षेत्रों में नोटिस मिलने के बाद कुछ कारोबारी व्यावसायिक क्षेत्रों में वैकल्पिक दुकानें तलाश रहे हैं। अर्बन प्लानिंग विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का स्पष्ट नियोजन जरूरी है। उनका तर्क है कि यदि समय पर मास्टर प्लान और लैंड यूज का प्रभावी निर्धारण होता तो रहवासियों और कारोबारियों के सामने मौजूदा स्थिति कम बनती।

रहवासी बोले- शोर, भीड़ और ट्रैफिक से बढ़ रही परेशानी

रिहायशी इलाकों के रहवासियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से शोर, भीड़ और ट्रैफिक जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। कई क्षेत्रों में सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। स्कूलों के आसपास बढ़ते यातायात के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी रहवासी सवाल उठा रहे हैं। नगर निगम का कहना है कि कार्रवाई नियमों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर की जाएगी तथा चिन्हित भवनों की स्थिति का परीक्षण करने के बाद ही सीलिंग की कार्रवाई होगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें