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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:16 · नई दिल्ली संस्करण

भाकपा-माले ने जारी किया चुनावी घोषणा पत्र, जनता से किए ये 22 वादे

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
भाकपा-माले ने जारी किया चुनावी घोषणा पत्र, जनता से किए ये 22 वादे

भाकपा-माले ने जारी किया चुनावी घोषणा पत्र, जनता से किए ये 22 वादे

पटना ।भाकपा-माले की ओर से सोमवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया गया। 22 बिंदुओं पर आधारित घोषणा पत्र में माले ने जनता से बड़े-बड़े वादे किया है। मसलन, बैलेट से चुनाव कराने, जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार देने, दल-बदल पर खुद सदस्यता रद होने, न्यूनतम वेतन 35 हजार रुपये और रोजाना मजदूरी 600 रुपये देने जैसे वादे किए गए हैं। माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, पोलित ब्यूरो सदस्य रामजी राय, राज्य सचिव कुणाल, धीरेन्द्र झा, मंजू प्रकाश, विधान पार्षद शशि यादव, विधायक दल के नेता महबूब आलम और विधायक गोपाल रविदास ने संयुक्त रूप से घोषणा पत्र जारी किया। इस मौके पर दीपंकर ने पत्रकारों से कहा कि भाकपा-माले जनता की आवाज को संसद के अंदर बुलंद करेगी।हमें विश्वास है कि भाकपा-माले और आईएनडीआईए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा। राजनीतिक दलों के चुनाव खर्च सीमा निर्धारित करने, देश के संघीय ढांचे को मजबूत बनाने, राज्यपाल के पद को खत्म करने, क्षेत्रीय असमानता दूर करने के लिए पिछड़े राज्यों को विशेष सहायता देने की बात माले के घोषणा पत्र का हिस्सा है।माले ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को खत्म करने, शिक्षा पर बजट का 10 प्रतिशत खर्च, मातृभाषा में निशुल्क शिक्षा, निजी संस्थानों में आरक्षण, मिड डे मील का बजट बढ़ाने और शिक्षण संस्थानों में जातीय भेदभाव करे समाप्त करने के वादे भी जनता से किया है।

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