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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:50 · नई दिल्ली संस्करण

दारोगा खामस चौधरी मौत कांड में कोर्ट का फैसला, तीनों दोषियों को 5 साल सश्रम कारावास

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दारोगा खामस चौधरी मौत कांड में कोर्ट का फैसला, तीनों दोषियों को 5 साल सश्रम कारावास

अवैध शराब तस्करों को रोकने के दौरान वाहन से धक्का लगने से हुई थी मौत, हत्या नहीं बल्कि गैर इरादतन हत्या मानकर सुनाई सजा

बेगूसराय: जिले के नावकोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत छतौना पुल के समीप हुए दारोगा खामस चौधरी मौत कांड में बहुप्रतीक्षित न्यायिक फैसला सामने आया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (नवम) गौरव आनंद की अदालत ने इस मामले में नामजद तीनों आरोपितों—नीमाचांदपुरा थाना क्षेत्र निवासी रितेश कुमार, मनीष कुमार एवं कृष्ण कुमार—को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 10,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अदालत ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर यह मामला हत्या (धारा 302) का नहीं बल्कि गैर इरादतन हत्या (धारा 304) का बनता है। इसी आधार पर तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया।

घटना उस समय की है जब दारोगा खामस चौधरी अपने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ छतौना पुल के पास अवैध शराब की तस्करी की सूचना पर कार्रवाई कर रहे थे। पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन तस्करों ने भागने के क्रम में वाहन से जोरदार धक्का मार दिया। इस टक्कर से दारोगा खामस चौधरी सड़क पर गिर पड़े और उनका सिर पत्थर से टकरा गया, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष परशुराम सिंह के बयान पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 353, 323 सहित अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपितों के विरुद्ध आरोपपत्र समर्पित किया।

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक (APP) वीपीन राय ने पक्ष रखते हुए कुल नौ गवाहों की गवाही कराई, जिनमें पुलिस पदाधिकारी एवं चिकित्सक शामिल थे। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने विस्तृत विचार-विमर्श के बाद निर्णय सुनाया।

तीनों दोषी पिछले लगभग 30 माह से न्यायिक हिरासत में बंद हैं। अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के बाद उनकी आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

यह मामला पुलिस महकमे और आम लोगों के बीच काफी चर्चित रहा है। ड्यूटी के दौरान एक पुलिस पदाधिकारी की मौत से जुड़े इस मामले में न्यायालय के फैसले पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई थीं।

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