मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:24 · नई दिल्ली संस्करण

वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में कंपनियों की आय 14 प्रतिशत बढ़ी; ऑयलएवंगैस और टेक सेक्टर का प्रदर्शन मजबूत रहा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में कंपनियों की आय 14 प्रतिशत बढ़ी; ऑयलएवंगैस और टेक सेक्टर का प्रदर्शन मजबूत रहा

नई दिल्ली। भारतीय कंपनियों की आय वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में अब तक सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ी है। इस दौरान ऑयलएवंगैस, टेक्नोलॉजी, सीमेंट, कैपिटल गुड्स एंड मेटल्स का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है।

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (एमओएफएसएल) की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया कि सेक्टर के हिसाब से देखा जाए तो मिडकैप स्टॉक्स में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि लार्जकैप में 13 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।

हालांकि, स्मॉलकैप का प्रदर्शन कमजोर रहा है और निजी बैंकों, एनबीएफसी, रिटेल और मीडिया ने स्मॉलकैप पर दबाव बनाने का काम किया है।

एमओएफएसएल के 151 कंपनियों के यूनिवर्स (ग्लोबल कमोडिटी मूवर्स को हटाकर) ने 6 प्रतिशत की आय वृद्धि दर्ज की है, जो कि 2 प्रतिशत के अनुमान से काफी अधिक है। हालांकि, अगर इसमें फाइनेंशियल कंपनियों को हटा दिया जाए तो आय 25 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।

रिपोर्ट में बताया गया कि अब तक दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर चुकीं निफ्टी की 27 कंपनियों की आय सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।

मिडकैप का प्रदर्शन लगातार तीसरी तिमाही मजबूत रहा है और टेक्नोलॉजी, मेटल, पीएसयू बैंक, रियल एस्टेट और कर्ज न देने वाली एनबीएफसी कंपनियों की आय में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।

ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पिछले एक साल में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है और इसमें मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।

बाजार पिछले साल के मुकाबले अच्छी स्थिति में है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय इक्विटी बाजार की अर्निंग साइकिल निचले स्तर पर है और ग्रोथ यहां से दोहरे अंक में रह सकती है और वैल्यूएशन आकर्षक बने हुए हैं।

ब्रोकरेज ने निफ्टी ईपीएस (आय प्रति शेयर) के अपने अनुमान को वित्त वर्ष 26 के लिए 1,096 रुपए से बढ़ाकर 1,101 रुपए कर दिया है। वहीं, वित्त वर्ष 27 के लिए 1,274 रुपए से बढ़ाकर 1,278 रुपए कर दिया है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें