मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:41 · नई दिल्ली संस्करण

कांस्टेबल सुनील का शव लाया गया पुलिस लाइन : गार्ड ऑफ ऑनर, राजकीय सम्मान से विदाई

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कांस्टेबल सुनील का शव लाया गया पुलिस लाइन : गार्ड ऑफ ऑनर, राजकीय सम्मान से विदाई

जोधपुर। अवैध बजरी खनन एवं परिवहन को लेकर माफियाओं की हत्या का शिकार हुए पुलिस कांस्टेबल सुनील के शव का आज दोपहर में मथुरादास माथुर अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के लिए शव को पुलिस लाइन लाया गया। जहां पर पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के साथ शव की अंतिम विदाई दी गई। शव को लेकर उसके परिजन मूल गांव लोहावट लेकर पहुंचे। जहां शाम को राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाएगी। कांस्टेबल सुनील का मंगलवार की रात को निधन होने के बाद समूचे पुलिस विभाग में शोक की लहर छा गई थी। वह रविवार को लूणी थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के समय अवैध बजरी डंपर को रोकने के प्रयास में बजरी माफियाओं की हत्या का शिकार हुआ। वह बुरी तरह घायल हो गया था और दो दिन तक जीवन मृत्यु से संघर्ष करते हुए उसकी मंगलवार की देर रात मौत हो गई। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें सरपंच पति हापूराम भी शामिल है।बता दें कि रविवार को लूणी थाना क्षेत्र के खेकाड़ली गांव की मूलजी की प्याऊ के पास पुलिस लाईन से चैतक ड्यूटी में तैनात सुनील खिलेरी ने एक बजरी से भरे डम्पर को रोकने का प्रयास किया था। लेकिन चालक और उसके साथी डम्पर को भगाकर ले गए। जिस पर पुलिस ने पीछा भी किया और उसको रोका लेकिन इसी दौरान डम्पर चालक ने रोकने के लिये डम्पर के आगे खड़े कांस्टेबल को कुचलने हुए मौके से भाग छूटा। साथी कांस्टेबल अशोक उसको तुरंत चेतक वाहन में डालकर एमडीएम अस्पताल लेकर पहुंचा था। जहां पर आला पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और उसके सघन इलाज की व्यवस्था की लेकिन दो दिन तक जिन्दगी और मौत तथा दो तीन छोटे बड़े आपरेशन के बावजूद उसकी जान नहीं बच पाई। प्रकरण में तीन लोगों की गिरफ्तारी बाकी है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें