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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:57 · नई दिल्ली संस्करण

कांग्रेस-का-हाथ,-भारत-विरोधियों-के-साथः-भाजपा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अमेरिका में राहुल गांधी के बयानों और उनसे मिलने वालों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे साफ होता जा रहा है कि कांग्रेस का हाथ भारत विरोधियों के साथ है।भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका प्रवास के दौरान कल राहुल गांधी भारत विरोधी अमेरिकी सांसद एलान उमर से मिले। एलान उमर हमेशा से पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोध के लिए जाने जाते हैं। राहुल बतौर सांसद और अब नेता प्रतिपक्ष कभी भारत समर्थक अमेरिकी सांसद गिलमैने, एकरमैन से नहीं मिले, अब तुलसी गबार्ड से भी नहीं मिलेंगे। लेकिन भारत विरोधी पत्रकार मुसिप्फकुल फजर के साथ वे फोटो खिंचाकर इतराते हैं। भारत विरोधी गुरपतवंत पन्नू ने भी राहुल गांधी की तारीफ की है। साफ है कि राहुल गांधी भारत विरोधियों में अधिक लोकप्रिय हैं । राहुल गांधी भारत के पहले ऐसे प्रतिपक्ष के नेता हैं, जो विदेश में जाकर भारत की कमियों और यहां स्वतंत्रता न होने की बात करते हैं।सुधांशु त्रिवेदी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल के चचा (सैम पित्रोदा) ने कहा है कि अब ये पप्पू नहीं रहे। उनका कहना सच है, क्योंकि राहुल गांधी पहले बचकानी हरकतें करते थे पर वे अब ऐसी शैतानी हरकतें कर रहे हैं, जो देश के लिए घातक हैं। राहुल गांधी चीन की उपलब्धियों का बखान करते हैं पर यह कभी नहीं बोलते कि चीन के रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और अली बाबा के प्रमुख जैक मा कहां गायब हो गए। इसके बावजूद एक तानाशाह देश में उन्हें बोलने की स्वतंत्रता दिखाई देती है और भारत में डर दिखाई देता है। भारत के लोकतंत्र और अभिव्यक्ति के स्वातंत्र्य को लांक्षित करने का कोई भी अवसर राहुल गांधी हाथ से जाने नहीं देते हैं। उनके भाषण उठाकर देख लीजिए, भारत के बारे में चार अच्छे बोल सुनने को नहीं मिलेंगे।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वो दिन हवा हो गए, जब विदेशी ताकतें भारत की बांह मरोड़ सकें। एक दौर था जब विदेशी प्रेरणा और समर्थन के बल पर लोग भारत को आंखें दिखाते थे। राहुल गांधी अभी भी उसी मानसिकता में जी रहे हैं, इसीलिए विदेशी दौरों के समय वे भारत विरोधी वक्तव्य देते हैं। पर उन्हें याद रखना चाहिए कि अबका भारत किसी के दबाव और प्रभाव में आने वाला नहीं है। यह नया भारत और बढ़ता भारत है।अफजल गुरू की पहली बरसी पर जेएनयू जाने, उसकी फांसी 6 महीने तक लटकाने, याकूब मेमन और बुरहान वानी की शव यात्रा में शामिल होने, कश्मीर को भारत से अलग करने की साजिश रचने वालों का साथ देने, राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से मिले धन और किसी समझौते की चर्चा करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से देश की एकता को धता बताकर, उसे कमजोर करने वाले और विभाजित करने वाली सोच के साथ रही है।

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