मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:57 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर स्मृति व्याख्यान का आयोजन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर स्मृति व्याख्यान का आयोजन

नई दिल्ली। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी की तरफ से सोमवार को भारत के महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं जननेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर उनके चित्र के अनावरण एवं स्मृति व्याख्यान का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े, तथा नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की सांसद बांसुरी स्वराज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। इसी के साथ, दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के चेयरमैन डॉ. सुमित भसीन तथा डीजी प्रियंका चंद्रा भी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र के अनावरण तथा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों, पुस्तकालय अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार' विषय पर अपने संबोधन में विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारत की अखंडता, एकता एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनके विचार आज भी राष्ट्र निर्माण के पथ पर प्रेरणास्रोत हैं।

'शिक्षाविद् से राष्ट्र निर्माता तक: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की बहुआयामी विरासत' विषय पर बोलते हुए विनोद तावड़े ने डॉ. मुखर्जी के शिक्षा, राष्ट्र निर्माण, संसदीय परंपराओं, तथा संस्थागत विकास में दिए गए अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का व्यक्तित्व शिक्षा, नेतृत्व, और राष्ट्रसेवा का अद्वितीय संगम था।

'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: यथास्थिति को चुनौती देने वाले व्यक्तित्व' विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बांसुरी स्वराज ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपने साहस, स्पष्ट दृष्टिकोण, और सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के माध्यम से भारतीय राजनीति को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश देता है।

कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों, शिक्षा के प्रति समर्पण तथा राष्ट्रीय एकता के प्रति उनके अद्वितीय योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान द्वारा हुआ।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें