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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:55 · नई दिल्ली संस्करण

ट्रैक्टर और कमर भर पानी के बीच बाढ़ पीड़ितों की मदद को पहुंचीं सीओ हर्षा कोमल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ट्रैक्टर और कमर भर पानी के बीच बाढ़ पीड़ितों की मदद को पहुंचीं सीओ हर्षा कोमल

भागलपुर। बिहार में गंगा के रौद्र रूप के कारण भागलपुर जिले की 86 से अधिक पंचायतों में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। चारों तरफ पानी का साम्राज्य है और हजारों लोग बेघर होकर दाने-दाने को मोहताज हैं लेकिन इस भीषण आपदा के बीच जिला प्रशासन की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण पीड़ितों के लिए एक बड़ा संबल साबित हो रहा है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सख्त निर्देश और भागलपुर के जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में प्रभावित प्रखंडों और पंचायतों में युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार दिन-रात एक कर बाढ़ पीड़ितों तक सहायता पहुंचाने में जुटे हैं। इस संकटकाल के बीच भागलपुर के शाहकुंड प्रखंड से एक ऐसी प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को प्रभावित किया है।

शाहकुंड की अंचलाधिकारी हर्षा कोमल अपनी जान की परवाह किए बिना बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में डटी हुई हैं। जिन पंचायतों और गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट चुका है और जहां गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही हैं, वहां सीओ हर्षा कोमल ट्रैक्टर के जरिए और कहीं-कहीं खुद कमर भर पानी में पैदल चलकर राहत सामग्री का वितरण कर रही हैं।

शाहकुंड प्रखंड में बाढ़ का सबसे विकराल रूप खुलनी, पैरडो मोमिन्या माल, बेलथू, खैरा, मकंदपुर और दरियापुर पंचायतों में देखने को मिल रहा है। इन दूरदराज के क्षेत्रों में राहत पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसके बावजूद, अंचलाधिकारी खुद अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम के साथ हर एक गांव और टोले तक पहुंच रही हैं। वे बाढ़ पीड़ितों के घर-घर जाकर सूखा राशन, दवाइयां और अन्य जरूरी राहत सामग्रियां वितरित कर रही हैं ताकि कोई भी परिवार भूखा न सोए। सड़कें गायब हैं, हर तरफ पानी का तेज बहाव है, लेकिन प्रशासनिक अमले के हौसले बुलंद हैं। शाहकुंड प्रखंड के बाढ़ पीड़ित अपनी महिला अंचलाधिकारी के इस जज्बे और सेवा भाव से बेहद प्रभावित हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में जहां अपनों का साथ मिलना मुश्किल हो रहा है, वहां सरकार और प्रशासन के अधिकारी भगवान बनकर उनके दरवाजे तक मदद पहुंचा रहे हैं। जिला प्रशासन का यह मानवीय चेहरा आपदा के इस दौर में मिसाल बन गया है।

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