Delhi: सत्य निकेतन हादसे पर CM रेखा गुप्ता का एक्शन मोड ऑन, MCD के इतने अधिकारीयों को किया सस्पेंड

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुई भीषण त्रासदी के बाद प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। एक पांच मंजिला पुरानी इमारत के अचानक ढह जाने से हुए दर्दनाक हादसे में छह निर्दोष छात्रों की अकाल मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
यह इमारत पीजी (पेइंग गेस्ट) के रूप में संचालित हो रही थी। इस भयावह घटना का संज्ञान लेते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है और प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) के 5 संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अवैध निर्माण या गतिविधियों पर आंखें मूंदने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। घटना की तह तक जाने और जवाबदेही तय करने के लिए एक उच्चस्तरीय विशेष जांच समिति (SIT) का गठन किया गया है, जो एक समयबद्ध सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। जांच समिति यह पता लगाएगी कि इतने वर्षों से बिना समुचित सुरक्षा मानकों के पीजी का संचालन कैसे हो रहा था और क्या इमारत में किसी तरह का अवैध ढांचागत बदलाव किया गया था।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की कई विशेष टीमें घटना के बाद से फरार चल रहे बिल्डिंग के मालिक की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी मालिक को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानूनी शिकंजे में लाया जाएगा।
इस बीच, घटनास्थल पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) का बचाव अभियान पूरा होने के बाद अब मलबे को हटाने और आसपास की अन्य पुरानी इमारतों की सुरक्षा जांच का काम जारी है। NDRF की टीमों ने अत्याधुनिक उपकरणों जैसे कटिंग टूल्स, लाइफ डिटेक्टर और प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड की मदद से मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला था।
यह हादसा राजधानी में अवैध पीजी आवासों और जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली भर में चल रहे पीजी और पुरानी इमारतों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी हृदय विदारक घटना की पुनरावृत्ति न हो।





