Delhi: सत्य निकेतन हादसे के बाद सख्त हुईं CM रेखा गुप्ता, शाहीन बाग से लेकर करोल बाग तक चला बुलडोजर

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली सरकार और नगर निगम ने अवैध व खतरनाक निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी को अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाने और सभी पीजी व हॉस्टलों का सघन निरीक्षण करने का आदेश दिया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन हादसे के बाद राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े ऐक्शन का आदेश दे दिया है। मुख्यमंत्री ने एमसीडी से अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने को कहा है। सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी को अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने का निर्देश दिया है। मंगलवार को 17 इमारतों को ध्वस्त किए जाने के बाद बुधवार को दिल्ली के कई इलाकों में बुलडोजर ऐक्शन लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी ग्राउंड पर रहें। उन्होंने दिल्ली के सभी पीजी-हॉस्टल का सघन निरीक्षण करने को कहा है और अवैध निर्माण पर तेजी से कार्रवाई करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया है कि जो भी निर्माण अवैध पाया जाता है उसके लिए दोषी अधिकारियों की पहचान की जाए। बिल्डिंग रिकॉर्ड खंगाला जाए और यह पता लगाया जाए कि किस वर्ष और किसके अधिकार क्षेत्र में उसका निर्माण किया गया था। सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम ने खतरनाक और अवैध भवनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
मंगलवार को निगम ने अलग-अलग इलाकों में 17 इमारतों को ध्वस्त किया और पांच संपत्तियों को सील कर दिया। इसके अलावा 9 लोगों को कारण बताओ नोटिस, दो को सीलिंग नोटिस और 15 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया है। एमसीडी ने सैदुलाजाब, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोलबाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार समेत कई इलाकों में कार्रवाई की। इन इलाकों में बड़ी संख्या में अवैध इमारतों का निर्माण किया गया है। किसी मकान का नक्शा पास नहीं कराया गया है तो कई को तय मापदंड से अधिक ऊंचा बनाया गया है। कई इमारतों का ढांचा बेहद कमजोर पाया गया है।





