"DELIGHT for Delhi" समिट में CM रेखा गुप्ता का संबोधन: दिल्ली को वैश्विक पर्यटन और निवेश का केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता

"DELIGHT for Delhi" समिट में CM रेखा गुप्ता का संबोधन: दिल्ली को वैश्विक पर्यटन और निवेश का केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज राजधानी में आयोजित “DELIGHT for Delhi” समिट में भाग लेते हुए कहा कि यह आयोजन केवल पर्यटन विस्तार का प्रयास नहीं, बल्कि दिल्ली को वैश्विक नवाचार, निवेश और सांस्कृतिक नेतृत्व के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक रणनीतिक पहल है। उन्होंने कहा कि आज की दिल्ली केवल देश की राजधानी भर नहीं, बल्कि विश्व पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभरता एक जीवंत और आधुनिक केंद्र बन रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “दिल्ली की आत्मा उसके ऐतिहासिक स्थलों, विविध संस्कृति और आधुनिक संरचनाओं में रची-बसी है। एक ओर लाल किला, कुतुब मीनार और हुमायूं का मकबरा जैसे धरोहर स्थल इसकी प्राचीन गरिमा को दर्शाते हैं, तो दूसरी ओर जी20 शिखर सम्मेलन की सफल मेज़बानी ने दुनिया को दिल्ली की आयोजन क्षमता, दक्षता और वैश्विक सोच से परिचित कराया है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह समिट दिल्ली को वैश्विक आर्थिक और सांस्कृतिक पटल पर नव नेतृत्व का केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" के संकल्प को दिल्ली संस्कृति और प्रगति के संगम के रूप में सशक्त रूप से प्रतिबिंबित कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और पारदर्शी भागीदार है जो हर सुझाव को नीतियों में और नीतियों को ज़मीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली की संभावनाओं और बहुआयामी आकर्षण को रेखांकित करते हुए कहा, “दिल्ली… जहाँ विरासत भी है, इतिहास भी है, संगीत की लय है, स्वाद का रंग है। एक पर्यटक जो कुछ ढूंढता है, वह सब दिल्ली की गलियों, स्मृतियों और संभावनाओं में समाया हुआ है।”
इस कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा, देश-विदेश के पर्यटन व निवेश क्षेत्र से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधि, प्रतिष्ठित संस्थान और निवेशक भी मौजूद रहे। समिट में सभी प्रतिनिधियों का मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वागत करते हुए उन्हें दिल्ली में निवेश करने और राजधानी को संस्कृति, समृद्धि और सतत विकास के प्रतीक के रूप में गढ़ने के लिए आमंत्रित किया।
समापन में मुख्यमंत्री ने अपील की—"आइए, हम सब मिलकर एक ऐसी दिल्ली का निर्माण करें जो अपनी विरासत भी संजोए और भविष्य भी रचे।"





