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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:38 · नई दिल्ली संस्करण

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे संसदीय दल के नेता का चयन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे संसदीय दल के नेता का चयन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे संसदीय दल के नेता का चयन

पटना। केंद्रीय मंत्रिमंडल के अस्तित्व में आने के बाद अब जदयू की कवायद राज्यसभा और लोकसभा में अपवने संसदीय दल के नेता को तय करने की है। दरअसल, राज्यसभा में जदयू संसदीय दल के नेता रामनाथ ठाकुर केंद्र की सरकार में जदयू कोटे से मंत्री बन गए हैं। वहीं, पिछली लोकसभा में जदयू संसदीय दल के नेता रहे राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल गयी है। दोनों सदनों के लिए नए नेता के चयन की कवायद के पीछे यह तर्क है कि जदयू एक नेता एक पद के सिद्धांत को आगे करता रहा है।पूर्व जब जदयू के राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह मोदी सरकार में मंत्री बने थे, तो उन्हें राज्यसभा में जदयू संसदीय दल के नेता का पद छोड़ना पड़ा था। उनके बाद ही रामनाथ ठाकुर राज्य सभा में जदयू संसदीय दल के नेता बने थे। लोकसभा में जदयू संसदीय दल का नेता कौन होगा, इसके लिए पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अधिकृत किया जा चुका है। मुख्यमंत्री के स्तर पर जल्द ही इस बारे में निर्णय लिए जाने की संभावना है। जदयू ने पूर्व में लोकसभा में सवर्ण तथा राज्यसभा में अतिपिछड़ा वर्ग को नेता का पद दिया था। संभव है कि इसी फार्मूले के तहत इस बार भी बात आगे बढ़ेगी।इस बात की चर्चा है कि राज्यसभा में किसी सवर्ण और लोकसभा में किसी पिछड़ी या फिर अति पिछड़ी जाति के सांसद को संसदीय दल के नेता की जिम्मेवारी मिल सकती है।राज्यसभा और लोकसभा में संसदीय दल के नेता के चयन के साथ-साथ एक मामला विधान परिषद के सभापति के चयन का भी है।विधान परिषद के सभापति रहे देवेश चंद्र ठाकुर जदयू की टिकट पर सीतामढ़ी से सांसद चुने गए हैं। ऐसे में विधान परिषद का सभापति पद पर रिक्ति है। मुख्यमंत्री के स्तर से ही इस पद के लिए भी निर्णय लिया जाना है।

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