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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

सीएम मोहन यादव ने जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलने का वादा किया, विपक्ष ने देरी पर सवाल उठाए

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
सीएम मोहन यादव ने जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलने का वादा किया, विपक्ष ने देरी पर सवाल उठाए

जबलपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को गोंडवाना की रानी और आदिवासी समाज का प्रमुख चेहरा रहीं रानी दुर्गावती के सम्मान के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि वह जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट का नाम इस महान योद्धा रानी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को केंद्र के समक्ष व्यक्तिगत रूप से आगे बढ़ाएंगे।

यह घोषणा जबलपुर में रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों के दौरान की गई। रानी दुर्गावती ने 24 जून, 1564 को आसफ खान के नेतृत्व वाली मुगल सेना से लड़ते हुए अपनी जान दे दी थी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से केंद्र सरकार के पास यह प्रस्ताव ले जाऊंगा ताकि डुमना एयरपोर्ट का नाम बदलकर रानी दुर्गावती पर रखा जा सके।

हमारी सरकार ने हमेशा उनके सम्मान में काम किया है, और पिछले साल हमने जबलपुर में एक बड़े फ्लाईओवर का नाम उनके नाम पर रखा था।"

यह मुद्दा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश सिंह ने उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि मध्य प्रदेश विधानसभा ने पिछले साल ही डुमना एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती पर रखने का प्रस्ताव पारित किया था और इसे मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा था।

राकेश सिंह ने कहा, "विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर दिल्ली भेज दिया है। अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है, इसलिए मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि वे सुनिश्चित करें कि केंद्र जल्द से जल्द इसे मंजूरी दे ताकि महाकौशल के लोगों की लंबे समय से चली आ रही यह मांग पूरी हो सके।"

इस मांग को सभी दलों का समर्थन मिल रहा है। वहीं, विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने प्रस्ताव को लागू करने में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं।

सिंघार ने निशाना साधते हुए कहा, "जब मध्य प्रदेश और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है, तो प्रस्ताव अभी तक लागू क्यों नहीं हुआ? मुख्यमंत्री को सिर्फ घोषणाएं नहीं करनी चाहिए। उन्हें लोगों को बताना चाहिए कि एयरपोर्ट का नाम असल में कब रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाएगा।

डुमना एयरपोर्ट, जिसे आधिकारिक तौर पर जबलपुर एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता है, मध्य प्रदेश के प्रमुख एविएशन हब में से एक है और महाकौशल क्षेत्र को सेवा देता है। जबलपुर शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित इस एयरपोर्ट का हाल के वर्षों में काफी विस्तार हुआ है, जिसमें एक आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं शामिल हैं।

यह एयरपोर्ट अभी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के तहत काम करता है और जबलपुर को दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ता है।

एयरपोर्ट का नाम रानी दुर्गावती पर रखने के प्रस्ताव को आदिवासी इतिहास में उनके योगदान और हमलावर सेनाओं के खिलाफ वीरतापूर्ण प्रतिरोध की प्रतीकात्मक मान्यता के रूप में देखा जाता है। 1524 में जन्मीं और गोंड शासक दलपत शाह से ब्याही गईं रानी दुर्गावती को साहस, प्रशासनिक सूझ-बूझ और बलिदान के लिए पूरे मध्य भारत में सम्मान दिया जाता है।

उनके शहादत दिवस को 'बलिदान दिवस' के रूप में मनाया जाता है। यह दिन पूरे मध्य प्रदेश और खासकर महाकौशल क्षेत्र में याद किया जाता है, जहां वे आदिवासी गौरव, वीरता और आत्मसम्मान की स्थायी प्रतीक बनी हुई हैं।

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