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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:26 · नई दिल्ली संस्करण

भ्रष्टाचार के मामलों में राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई 103 अधिकारी निलंबित

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भ्रष्टाचार के मामलों में राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई 103 अधिकारी निलंबित

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए पिछले ढाई वर्षों में एक आईएएस अधिकारी सहित 103 अधिकारियों को निलंबित किया है। वहीं छह अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है तथा 11 अधिकारियों की आजीवन पेंशन रोकने की कार्रवाई की गई है।राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार रिश्वत ट्रैप पद के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17 ए के तहत 37 अन्य मामलों में भी कार्रवाई की गई है।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और आमजन को पारदर्शी तथा संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।राज्य सरकार ने बताया कि न्यायालय में दोष सिद्ध होने के बाद पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन विकास अधिकारी भरत प्रकाश मेघवाल कृषि विभाग के तत्कालीन उप निदेशक राजेश कुमार नैनावत वित्त कर विभाग के तत्कालीन सहायक आयुक्त महावीर सिंह आसीवाल तथा चिकित्सा विभाग के डॉ. राम मोहन सिंह चौहान डॉ. मुरलीधर शर्मा और डॉ. मनोहर लाल को सेवा से बर्खास्त किया गया है। सरकार ने भ्रष्टाचार और अन्य मामलों में 11 अधिकारियों की आजीवन शत प्रतिशत पेंशन रोकने की कार्रवाई भी की है। इनमें बनवारी लाल मीणा, डॉ. शिवनारायण यादव, देवेन्द्र सिंह ढिल्लो, मनोहर लाल सिसोदिया, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद कोठारी, डॉ. कल्पना श्रीवास्तव, नृसिंह रेबारी, सुरेश माथुर, महेन्द्र सिंह, डॉ. लक्ष्मण दत्त शर्मा तथा डॉ. अविनाश कुमार शर्मा शामिल हैं।सरकार ने हाल ही में पीएचईडी की अलवर प्रयोगशाला के वरिष्ठ रसायनज्ञ प्रदीप कुमार हजरती को पेयजल जांच में फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के आरोप में सेवा से बाहर करने का निर्णय लिया है। वहीं तत्कालीन एपीपी हरिसिंह मीणा को एसीबी कोर्ट से सजा मिलने के बाद नौकरी से हटाया गया। इसके अलावा राज्य सरकार ने डॉ. विलास राव गुल्हाने को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी है जबकि देशराज नूनिया की आजीवन पेंशन रोकने की कार्रवाई की गई है। सरकार ने जिन अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति दी है उनमें देवी सिंह डॉ. पवन कुमार जैन मायालाल सैनी राकेश चौहान गोपाल लाल कुमावत राकेश सिंह प्रदीप कुमार विशाल सक्सेना और महेन्द्र प्रकाश सोनी शामिल हैं।

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