झारखंड में भाजपा के खाते से लालाजी और बाबू साहेब साफ,एक भूमिहार को मिली इंट्री

झारखंड में भाजपा के खाते से लालाजी और बाबू साहेब साफ,एक भूमिहार को मिली इंट्री
रांची:भाजपा ने इस बार की लिस्ट में जातीय समीकरण का इतना ख्याल रखा की लालाजी और बाबू साहेब की भागीदारी को ही साफ कर दिया गया। दो अगड़ी जातियों की तीन सिटिंग सीटें काटकर भूमिहार जाति से आने वाले कालीचरण सिंह को चतरा का प्रत्याशी बनाया है। सात सीटों के जरिए भाजपा ने जातीय समीकरण को साधने की कोशिश की है। इनमें से एक सीट पर कुड़मी, तीन पर बनिया, एक पर यादव, एक पर भूमिहार और एक सीट ब्राह्मण को दी है। यही नहीं पार्टी ने अपने पांच सीटिंग (हजारीबाग, धनबाद, चतरा, दुमका और लोहरदगा) सांसदों का टिकट काट दिया है। जबकि हजारीबाग के विधायक मनीष जयसवाल को हजारीबाग, बाघमारा के विधायक ढुल्लू महतो को धनबाद, जामा से झामुमो विधायक रहीं शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन को दुमका और पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव को लोहरदगा और रांची से संजय सेठ को प्रत्याशी बनाया है। मालुम हो की 2019 के लोकसभा चुनाव में आठ अनारक्षित सीटों में से सात सीट पर लड़ने वाली भाजपा ने हजारीबाग में कायस्थ समाज के जयंत सिन्हा, धनबाद में राजपूत समाज के पीएन सिंह, चतरा में राजपूत समाज के सुनील कुमार सिंह, कोडरमा में यादव समाज की अन्नापूर्णा देवी, जमशदेपुर में कुड़मी समाज के विद्युत वरण महतो, गोड्डा में ब्राह्मण समाज के निशिकांत दूबे और रांची में बनिया समाज के संजय सेठ को टिकट दिया था और सभी ने जीत भी दर्ज की थी।





