भोपाल में चिपको आंदोलन, हरियाली बचाने के लिए पेड़ों से चिपकी महिलाएं
भोपाल, भोपाल में शिवाजी नगर और तुलसी नगर में सरकारी मकानों को
तोड़कर 2378 करोड़ रुपये की पुनर्विकास योजना है। यहां मंत्रियों के लिए
बड़े-बड़े बंगले बनाए जाएंगे, लेकिन 29 हजार से ज्यादा पेड़ों की बलि भी दी
जाएगी। लोग इसके विरोध में सामने आ रहे हैं। बुधवार को स्टॉप नंबर 5 पर
बड़ा प्रदर्शन शुरू हो गया है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि इन
पेड़ों को बचाने के लिए हम उत्तराखंड की तर्ज पर भोपाल में चिपको आंदोंलन
करेंगे।
पेड़ों को बचाने धरना दे रहीं महिलाओं का
कहना है कि ये पेड़ हमारे बच्चों जैसे हैं। ये हमारे हर सुख-दुख के साक्षी
हैं। हमें यहां रहते हुए 50 साल से ज्यादा हो गए। इनसे स्वाभाविक लगाव है।
सरकार भोपाल की हरियाली मिटाने जा रही है। स्मार्ट सिटी में हम इसका उदाहरण
देख चुके हैं। इसके बाद महिलाएं धरना स्थल के नजदीक लगे पेड़ों के पास
पहुंची कुछ उन्हें दुलारने लगीं तो कुछ ने उन्हें गले लगा लिया।
गौरतलब
है कि तुलसी नगर और शिवाजी नगर की जिस जमीन पर स्मार्ट सिटी का विरोध हुआ
था, वहां अब सरकारी मकानों को तोड़कर मंत्रियों और विधायकों के लिए बंगले
और फ्लैट बनाए जाएंगे। यहां कुल 2,267 सरकारी बंगलों और मकानों को तोड़ने का
प्लान है। इसके बाद मंत्रियों के लिए 30 बंगले, 16 फ्लैट और 230 विधायकों
के फ्लैट के साथ 3480 सरकारी अफसरों के बंगले और मकान बनेंगे।





