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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:58 · नई दिल्ली संस्करण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'लोकमाता अहिल्याबाई राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना' पुस्तक का किया विमोचन

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'लोकमाता अहिल्याबाई राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना' पुस्तक का किया विमोचन

- म.प्र. हिन्दी ग्रंथ अकादमी ने किया पुस्तक का प्रकाशनभोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को 'लोकमाता अहिल्याबाई राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना' पुस्तक का भोपाल स्थित समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विमोचन किया।मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित यह शोध संकलन बताता है कि लोकमाता, पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होल्कर का जीवन और कर्म किसी आकस्मिक महानता का परिणाम नहीं, बल्कि दीर्घ सांस्कृतिक धारा का स्वाभाविक विस्तार रहा। उनकी जीवन गाथा इस तथ्य का प्रमाण है कि भारतीय नारी संत, विदुषी, योद्धा होने के साथ-साथ कुशल शासिका भी रही है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विमोचित इस शोध संकलन में कुल 19 अध्याय हैं। पुस्तक अहिल्याबाई होल्कर की दृष्टि में नारी स्वाभिमान और समाजोत्थान, सांस्कृतिक पुनर्निर्माण से राष्ट्रीय एकता, पंचपरिवर्तन से समाज कल्याण, जीवन प्रबंधन की पाठशाला, बाल विवाह-सामाजिक कुरीति की चुनौतियां और समाधान पर शोध पत्रों का संकलन हैं। पुस्तक में देवी अहिल्याबाई होल्कर की राष्ट्र पुनरुत्थान की संकल्पना न्यायप्रियता और प्रशासनिक दक्षता, समग्र जीवन चिंतन, भारतीय हस्तशिल्प के उत्थान में अहिल्याबाई की भूमिका तथा महिलाओं के लिए न्याय और समानता पर शोधपरक लेख हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा में लोकमाता अहिल्याबाई के अवदान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विश्लेषण पर भी पुस्तक में एक पाठ है। पुस्तक का मूल्य 160 रुपये मात्र है।इस अवसर पर संचालक म.प्र. हिन्दी ग्रंथ अकादमी अशोक कड़ेल, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक चंद्रचारु त्रिपाठी, माखनलाल चर्तुवेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी उपस्थिति थे।

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