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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:31 · नई दिल्ली संस्करण

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा फैसला, मंत्रियों के काफिले आधे होंगे, सार्वजनिक परिवहन अपनाने के निर्देश

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा फैसला, मंत्रियों के काफिले आधे होंगे, सार्वजनिक परिवहन अपनाने के निर्देश

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और अनावश्यक खर्चों से बचने की अपील की है। इसी के अनुरूप महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है।

महाराष्ट्र कैबिनेट की गुरुवार को अहम बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी मंत्रियों को खास निर्देश दिए हैं। मंत्रियों को तत्काल अपने वाहन काफिले को आधा करने को कहा गया है। इसके अलावा, किसी भी स्थिति में पदाधिकारी और विधायक के साथ वाहनों का काफिला नहीं चलेगा।

मुख्यमंत्री ने सभी को विशेष विमान और हेलिकॉप्टर से यात्रा करने से बचने के भी निर्देश दिए हैं।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सभी मंत्री तय करें कि वे सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का उपयोग करेंगे। साथ ही, कार्यालय में तैनात स्टाफ के वाहनों की समीक्षा करने और वाहनों की संख्या कमी करने को भी कहा गया है। यह भी निर्देश दिया गया है कि जिला और विभाग स्तर के अधिकारियों को मुंबई या अन्य स्थानों पर बुलाने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकों में शामिल किया जाए।

वहीं, विभागों से होर्डिंग, फ्लैक्स और रोशनी व सजावट से दूर रहने को कहा गया है।

इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार ने विभिन्न विभागों के लिए महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की। राज्य सरकार के प्रस्तावित उपायों में विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में वृद्धि, ऊर्जा की बचत, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और डिजिटल माध्यमों से बैठकें आयोजित करना शामिल है।

मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल के हस्ताक्षर के साथ जारी सरकारी परिपत्र में कहा गया है कि सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राएं अस्थायी रूप से रद्द कर दी जाएंगी और उन्हें नई यात्राओं की योजना बनाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, वाहनों के उपयोग को कम करने और कारपूलिंग, सार्वजनिक परिवहन व इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को भी सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, लोकल ट्रेन या बस से यात्रा करने की सलाह दी गई है।

सरकार ने फैसला लिया कि मंत्रिस्तरीय, विभागीय और जिला स्तर पर कार्यालय के कार्यों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग बढ़ाकर, बैठकों, प्रशिक्षण सत्रों और सेमिनारों को ऑनलाइन आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा।

विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को भी इन निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।

ऊर्जा संरक्षण के लिए कार्यालयों में प्राकृतिक रोशनी का उपयोग करने, अनावश्यक लाइटों और उपकरणों को बंद रखने व एयर कंडीशनिंग (एसी) सिस्टम का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

'प्रधानमंत्री सूर्य घर' योजना के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने पर भी जोर दिया जाएगा।

ईंधन संरक्षण के लिए पेट्रोल और डीजल के उपयोग को कम करने के साथ-साथ, पीएनजी गैस के उपयोग को बढ़ाने संबंधी लंबित प्रस्तावों को तत्काल मंजूरी दी जाएगी। मुंबई सहित बड़े शहरों के होटलों और रेस्तरांओं को भी पीएनजी का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

खाद्य तेल के उपयोग को कम करने के लिए, सरकारी कैंटीनों, आंगनवाड़ियों, अस्पतालों और छात्रावासों के मेनू में बदलाव किया जाएगा। साथ ही, पाम और सोयाबीन तेल के बजाय मूंगफली और सरसों के तेल के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी इस संबंध में जागरूकता फैलाई जाएगी। कृषि क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करके, प्राकृतिक, जैविक और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक अभियान चलाया जाएगा। मिट्टी परीक्षण के आधार पर फसलों के अनुरूप मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, और उर्वरकों के दुरुपयोग को रोकने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, पुलिस विभाग की ओर से वाहनों के जुलूसों और बाइक रैलियों के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी।

साथ ही, सरकारी विज्ञापनों और खर्चीली गतिविधियों पर भी सीमाएं निर्धारित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, सभी प्रशासनिक विभागों को अगले छह महीनों तक सलाहकारों की नियुक्ति से बचने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों, जिला कलेक्टरों, नगर निगमों और सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

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