छत्तीसगढ़ : टशन में टमाटर , कीमत 100 रुपये किलो
रायपुर। आम गृहणियों के लिए टमाटर फिर से लाल हो गया है। दरअसल,
बीते तीन-चार दिनों में टमाटर के दाम में बड़ा उछाल आया है। यह तेजी
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में भी देखने को मिली है। टमाटर की
कीमत 100 रुपये किलो पहुंच गई है। ऊंचे दाम पर बिक्री से आम लोगों की बजट
से बाहर हो गया है। प्रदेश में लोकल सब्जियों के आवक कम होने से यह स्थिति
निर्मित हुई है। हरी सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई स्वाद फीका पड़ गया है।
बाजार
में हरी सब्जियों की बढ़ी कीमत से गृहणियाें का बजट गड़बड़ा गया है। सप्ताह
भर पहले 50 रुपये किलो बिक रहा टमाटर अब 90 से 100 रुपये तक पहुंच गया है।
जनवरी से लेकर अप्रैल माह तक 10 से 30 रुपये किलो बिकने वाले टमाटर के दाम
में वृद्धि हैरानी कर देने वाली है। किसानों को तकनीकी खेती के बारे में
जानकारी नहीं होने के कारण वर्षा काल में टमाटर जैसी सब्जी का दाम नहीं
मिलता हैं। बताना होगा कि वर्षा काल शुरू होने से पहले किसानों ने बाड़ी में
नए फसल लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। नए सिरे से हो रही बोआई के बाद फसल
लगने में दो से तीन माह का समय लगेगा। तब तक बाजार में हरी सब्जियों की
महंगाई बनी रहेगी।
वहीं डूमरतराई सब्जी मंडी के थोक व्यवसायी मोहित
सेन ने चर्चा में बताया कि रायपुर शहर में टमाटर की आपूर्ति जयपुर एवं
बैंगलोर से हो रही है। वहीं अन्य सब्जियों की आपूर्ति राज्य के कवर्धा,
धमधा, बेमेतरा और जगदलपुर से हो रही है।
अरहर दाल बिक रहा 180 रुपये किलो
हरी
सब्जियों के दाम बढ़ने से पहले ही दलहन में मसूर, अरहर, मटर के दाम पहले से
120 से 180 रुपये किलो पहुंच चुके हैं। अभी मानसून की शुरूआत नहीं हुई है।
बहरहाल वर्षा काल के दौरान गृहणियों को महंगी सब्जी से ही काम चलाना होगा।
सब्जी के बढ़े दाम की वजह से घरों सूखे मौसम में बनाए गए बड़ी, बिजौड़ी,
आचार, पापड़ आदि सामानों की खपत बढ़ गई है। जुलाई माह में बरबट्टी, तरोई,
कुंदरू, करेला तैयार होने के बाद ही उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
सब्जियों
के दाम : टमाटर- 100 रुपये प्रति किलो, मुनगा-120 , गंवार फली- 80, गोभी-
100, पत्ता गोभी- 50, करेला- 100 और कुंदरू 60 रुपये प्रति किलो की दर से
बिक रहा है।





