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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:37 · नई दिल्ली संस्करण

छत्तीसगढ़ : राष्ट्रीय मंच पर कोरिया जिले का 'जल संरक्षण मॉडल' बना चर्चा का विषय

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
छत्तीसगढ़ : राष्ट्रीय मंच पर कोरिया जिले का 'जल संरक्षण मॉडल' बना चर्चा का विषय

बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक अनोखी मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' में कोरिया जिले के '5 प्रतिशत जल संरक्षण मॉडल' की खुलकर तारीफ की, जिसके बाद से यह जिला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे स्थानीय प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर कोरिया जिले के किसानों और ग्रामीणों की सराहना की, जिन्होंने मिलकर जल संकट का समाधान खोजा और उसे सफलतापूर्वक लागू भी किया।

कोरिया जिले में लागू '5 प्रतिशत मॉडल' के तहत किसानों ने अपनी खेती योग्य जमीन का 5 प्रतिशत हिस्सा जल संरक्षण के लिए समर्पित किया। इस हिस्से में छोटे-छोटे सोखता गड्ढे बनाए गए, जिनमें वर्षा का पानी जमा होकर जमीन के अंदर चला जाता है।

इससे न केवल पानी की बर्बादी रुकी, बल्कि भूजल स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।

इस मॉडल की खास बात यह है कि इसे पूरी तरह जनभागीदारी से लागू किया गया। जिले के 1,200 से अधिक किसानों ने इस पहल को अपनाया और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। गांव-गांव में लोगों ने इसे अपने अभियान की तरह लिया।

महिलाओं ने 'नीर नायिका' बनकर और युवाओं ने 'जल दूत' के रूप में इस अभियान को आगे बढ़ाया।

ग्राम सभाओं के माध्यम से योजनाओं का विकेंद्रीकरण किया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर ही निर्णय लिए गए और उनका क्रियान्वयन भी प्रभावी ढंग से हुआ। इससे समुदाय खुद इस अभियान का नेतृत्वकर्ता बन गया।

इस अभियान के परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं। वर्ष 2025 में करीब 2.8 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी का भूजल में पुनर्भरण हुआ, जो सैकड़ों बड़े तालाबों के बराबर है। छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में भूजल स्तर में 5.41 मीटर की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।

स्थानीय किसानों को भी इसका सीधा फायदा मिला है। किसान विशाल कुमार दास ने आईएएनएस से बताया कि इसे बनवाने का फायदा यह है कि खेत में नमी बनी रहती है, जल स्रोत बढ़ते हैं और बारिश का पानी भी जमा रहता है। वहीं, परमेश्वर राजवाड़े ने कहा कि इस मॉडल से उन्हें हर फसल में फायदा हो रहा है और उनकी खेती पहले से ज्यादा बेहतर हो गई है।

इस पूरे अभियान को लेकर जिला पंचायत के सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में 'कैच द रेन', जल संचय और जनभागीदारी जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं।

इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 'मोर गांव मोर पानी' अभियान संचालित हो रहा है।

उन्होंने बताया कि कोरिया जिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में 'आवा पानी झोंकी' अभियान चलाया गया, जिसके तहत न सिर्फ रिहायशी क्षेत्रों बल्कि किसानों के खेतों में भी सोखता गड्ढों का निर्माण कराया गया। इस पहल से जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और यह कार्य अभी भी जारी है।

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