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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:27 · नई दिल्ली संस्करण

राजस्थान के विद्युत गृहों को कोयला आपूर्ति के लिए 91.21 हेक्टेयर वनभूमि के उपयोग की छत्तीसगढ़ सरकार ने अनुमति दी

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

जयपुर,। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के विद्युत गृहों

को कोयले की आपूर्ति के लिए हसदेव अरण्य कोलफील्ड में संचालित परसा ईस्ट

एवं कांता बासन (पीईकेबी) कोल ब्लॉक की 91.21 हेक्टयर वनभूमि का उपयोग करने

की अनुमति दिये जाने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का

धन्यवाद प्रकट किया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शार्मा ने कहा है कि इससे

राज्य के 4340 मेगावाट क्षमता की तापीय विद्युत परियोजनाओं को कोयले की

आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने में काफी सहायता मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़

के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कांता एक्सटेंशन से संबंधित पर्यावरण

मंजूरी के लिए आवश्यक सार्वजनिक सुनवाई व वन मंजूरी का पंजीकरण शीघ्र

करवाने की व्यवस्था कराने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि

परसा कोल ब्लॉक पर खनन कार्य प्रारंभ करने के लिए भूमि पर पेड़ों की कटाई

करवाकर भूमि को आरवीयूएन को सौंपने की व्यवस्था कराई जाए।

पीईकेबी कोल

ब्लॉक से खनन कार्य निरंतर जारी रखने तथा वित्त वर्ष 2024-25 में 18

एमटीपीए की उत्पादन क्षमता हासिल करने के लिए आवश्यक 108 हेक्टेयर भूमि

पेड़ों की कटाई करवाकर एवं वित्त वर्ष 2025-26 से अगले छह वर्षों के खनन

कार्यों के लिए आवश्यक 411 हेक्टेयर भूमि पेड़ों की कटाई के पश्चात

आरवीयूएन को सौंपने की व्यवस्था कराई जाए।

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