लोहरदगा सीट पर चमरा लिंडा की एंट्री से भाजपा-कांग्रेस में मची खलबली,होगा त्रिकोणीय मुकाबला

लोहरदगा सीट पर चमरा लिंडा की एंट्री से भाजपा-कांग्रेस में मची खलबली,होगा त्रिकोणीय मुकाबला
रांची:लोकसभा चुनाव- 2024 झारखंड में महागठबंधन और एनडीए दोनो के लिए चुनौती बन गई है। लोहरदगा लोकसभा सीट को लेकर स्थिति बेहद रोचक होती जा रही है।जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे चुनावी समीकरण को लेकर चर्चा भी तेज हो चुकी है। राजनीतिक दल के प्रत्याशियों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशी के चुनाव मैदान में उतरने को लेकर भी खूब चर्चा हो रही है।अब इसका कितना असर होगा, यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा हुआ है, परंतु इतना तय है कि चुनावी समीकरण पर असर जरूर होगा। लोहरदगा लोकसभा सीट से अपना भाग्य आजमाने की कोशिश कर रहे आदिवासी नेता चमरा लिंडा की एंट्री लोहरदगा लोकसभा सीट में चुनावी समीकरण को बिगाड़ सकती है। गुमला जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र में बेहद मजबूत पकड़ रखने वाले चमरा लिंडा के निर्दलीय चुनाव लड़ने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के लिए अलर्ट का सायरन बज रहा है। भाजपा ने अपने सीटिंग सांसद सुदर्शन भगत का टिकट काटकर समीर उरांव को प्रत्याशी बना दिया है। समीर उरांव की राजनीतिक जमीन भी बिशनपुर में ही है, लिहाजा चमरा मैदान में उतरते हैं तो सीधा उनको प्रभावित करेंगे। यह चर्चा आम है कि चमरा लिंडा को यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा लोहरदगा लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी नहीं बनाती है, तब वह ऐसी स्थिति में निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। चमरा लिंडा ने 2004 में लोहरदगा लोकसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी की ओर से डॉक्टर रामेश्वर उरांव, भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रोफेसर दुखा भगत चुनाव मैदान में थे। साल 2004 का लोकसभा चुनाव लोहरदगा लोकसभा सीट से डॉ. रामेश्वर उरांव जीत गए थे। डॉ. रामेश्वर उरांव को इस चुनाव में 223920 वोट मिले थे। वहीं दूसरे स्थान पर भारतीय जनता पार्टी के प्रोफेसर दुखा भगत थे। प्रोफेसर दुखा भगत को इस चुनाव में 133665 वोट हासिल हुए थे। जबकि निर्दलीय प्रत्याशी चमरा लिंडा को इस चुनाव में 58947 वोट हासिल हुए थे। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में फिर एक बार चमरा लिंडा चुनाव मैदान में थे। हालांकि तब वह ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। भारतीय जनता पार्टी की ओर से सुदर्शन भगत और कांग्रेस पार्टी की ओर से डॉ. रामेश्वर उरांव चुनाव मैदान में थे। इस चुनाव को सुदर्शन भगत ने बेहद करीबी मुकाबले में जीता था।चुनाव में सुदर्शन भगत को 226666 वोट, डॉ. रामेश्वर उरांव को 220177 वोट और चमरा लिंडा को 118355 वोट मिले थे। यदि चमरा लिंडा निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं, तब यहां पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।





