मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:32 · नई दिल्ली संस्करण

केंद्र की मंजूरी से असम के विकास को नई गति, औद्योगिक अवसरों का भी विस्तार : सीएम सरमा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
केंद्र की मंजूरी से असम के विकास को नई गति, औद्योगिक अवसरों का भी विस्तार : सीएम सरमा

दिसपुर। असम के लिए एक ऐतिहासिक परियोजना को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि भारत की पहली ट्विन ट्यूब अंडरवॉटर रेल सह सड़क सुरंग परियोजना स्वीकृत कर दी गई है।

यह 33.7 किलोमीटर लंबा चार लेन कॉरिडोर गोहपुर से नुमालीगढ़ तक बनाया जाएगा, जिसमें 15.79 किलोमीटर लंबी सुरंग ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे से गुजरेगी। इस परियोजना की कुल लागत 18,662 करोड़ रुपए होगी।

सीएम सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत की पहली ट्विन ट्यूब अंडरवाटर रेल कम रोड टनल को मंजूरी मिलना असम के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है।

गोहपुर से नुमालीगढ़ तक 33.7 किमी लंबे 4-लेन कॉरिडोर को मंजूरी देने के लिए पीएम मोदी की अगुवाई वाली यूनियन कैबिनेट का शुक्रिया, जिसमें विशाल ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 15.79 किमी की टनल भी शामिल है, जिसकी लागत 18,662 करोड़ रुपए है।"

उन्होंने आगे लिखा कि यह सपना वर्ष 2021 में शुरू हुआ था और इसके पूरा होने से नुमालीगढ़ और गोहपुर के बीच की दूरी 240 किलोमीटर से घटकर मात्र 34 किलोमीटर रह जाएगी। यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर केवल 20 मिनट हो जाएगा, जिससे माल परिवहन की दक्षता बढ़ेगी और लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी।

मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को असम और पूरे पूर्वोत्तर के लिए रणनीतिक जीवनरेखा बताया, जिससे व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास के नए अवसर खुलेंगे। यह ब्रह्मपुत्र पर असम का चौथा रेलवे क्रॉसिंग होगा, जिसमें तीन पुल पहले से मौजूद हैं और अब एक सुरंग भी जुड़ जाएगी।

उन्होंने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताते हुए कहा कि यह परियोजना विकास यात्रा को नई गति देगा।

दूसरी ओर, पीएम मोदी ने अपने असम दौरे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "यह बहुत गर्व की बात है कि नॉर्थ-ईस्ट को इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी मिली है। स्ट्रेटेजिक नजरिए से और प्राकृतिक आपदाओं के समय, यह फैसिलिटी बहुत जरूरी है।"

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें