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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:25 · नई दिल्ली संस्करण

मप्रः रिश्वतखोरी के मामले में सीबीआई की दबिश, एनएचएआई के जीएम-डीजीएम समेत छह गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

भोपाल। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 20 लाख रुपये की

रिश्वत लेने के आरोप में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के

दो अधिकारियों, निजी कंपनी के दो निदेशकों सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया

है। गिरफ्तारी के बाद आरोपितों के ठिकानों पर मारे गए छापे और 20 लाख

रुपये रिश्वतखोरी की रकम मिलाकर सीबीआई ने एक करोड़ दस लाख रुपये जब्त किए

हैं।

सीबीआई की ओर से रविवार को मिली

जानकारी के अनुसार, एनएचएआई के नागपुर में पदस्थ महाप्रबंधक अरविंद काले,

हरदा में पदस्थ उप महाप्रबंधक बृजेश कुमार साहू, भोपाल स्थित बंसल

कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशक अनिल बंसल व कुणाल बंसल और बंसल कंस्ट्रक्शन

कंपनी के कर्मचारी सी कृष्णा और छतर सिंह को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी

के अनुसार, सीबीआई को सूचना मिली थी कि एनएचएआई के महाप्रबंधक और परियोजना

निदेशक पीआईयू नागपुर और मध्यप्रदेश के हरदा में पदस्थ एनएचएआई के उप

महाप्रबंधक व परियोजना निदेशक 20 लाख की घूस लेने वाले हैं। सीबीआई ने इस

मामले में भोपाल स्थित निजी कंपनी के चार अधिकारियों, दो निदेशकों

कर्मचारियों सहित पांच निजी व्यक्तियों और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण

अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। एनएचएआई के महाप्रबंधक और उप

महाप्रबंधक ने निजी ठेका कंपनी के निदेशकों से अलग-अलग सड़क परियोजनाओं के

पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी करने, बिलों की स्वीकृति और निर्माणाधीन कार्यों

के सुचारू रूप से प्रगति पत्रक जारी करने के बदले 20 लाख रुपये की घूस ली

है। जिस निजी ठेका कंपनी के निदेशक घूस देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए

हैं, उनकी कंपनी के कुछ कर्मचारी संबंधित कार्यों के लिए लंबे समय से

लगातार संपर्क में थे। इसकी भनक लगते ही सीबीआई ने इस मामले में नजर रखना

शुरू कर दिया था।

गुप्त शिकायतकर्ता ने

आरोप लगाया था कि निजी कंपनी के कर्मचारी नागपुर और हरदा और प्रदेश के अन्य

स्थानों पर पदस्थ एनएचएआई के अधिकारियों-कर्मचारियों को लाखों की रिश्वत

देकर कार्य करा रहे हैं। शिकायत की सत्यता होने के बाद सीबीआई ने जाल

बिछाया और एनएचएआई के जनरल और प्रोजेक्ट मैनेजर को 20 लाख रुपये की रिश्वत

देने के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई ने जीएम के नागपुर,

डीजीएम के हरदा और निजी कंपनी के निदेशकों के भोपाल स्थित ठिकानों और

आवासों की तलाशी ली है। इसी तलाशी के दौरान 20 लाख रुपये की घूस की राशि

मिलाकर करीब एक करोड़ दस लाख रुपये की नकदी जब्त की गई है। सीबीआई इस मामले

की गहनता से जांच कर रही है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, मामले में

आरोपितों की संख्या भी बढ़ सकती है।

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