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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:31 · नई दिल्ली संस्करण

सीबीआई कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में एक निजी कंपनी, डायरेक्टर और दो अन्य को दोषी ठहराया

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
सीबीआई कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में एक निजी कंपनी, डायरेक्टर और दो अन्य को दोषी ठहराया

नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित सीबीआई कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में एक निजी कंपनी और उसके डायरेक्टर समेत चार लोगों को दोषी ठहराया है। सोमवार को आए फैसले के बाद इस मामले में अब तक 20 लोगों को सजा सुनाई गई है। इस बारे में सीबीआई ने मंगलवार को जानकारी दी।

सीबीआई के अनुसार, कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में प्राइवेट कंपनी एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड, उसके डायरेक्टर दीपक गुप्ता, आधिकारिक हस्ताक्षरकर्ता सत्य नारायण द्विवेदी और अमृत सिंह को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। डायरेक्टर दीपक गुप्ता को 3 साल की कठोर कारावास और 10 लाख रुपए के जुर्माने की सजा दी गई है।

इसके अलावा, कंपनी के आधिकारिक हस्ताक्षरकर्ता सत्य नारायण द्विवेदी को 2 साल की कठोर कारावास और 20 हजार रुपए का जुर्माना, जबकि अमृत सिंह को एक साल की कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वहीं कोर्ट ने प्राइवेट कंपनी पर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

सीबीआई ने 4 सितंबर 2014 को आरोपियों के खिलाफ यह मामला दर्ज किया था। आरोप था कि आरोपी कंपनी और उसके डायरेक्टर समेत अन्य लोगों ने रावनवारा नॉर्थ कोयला ब्लॉक का गलत आवंटन हासिल करने के मकसद से वित्तीय नेट वर्थ, उत्पादन क्षमता, कंपनी के कब्जे वाली जमीन और पर्यावरण मंजूरी के बारे में आवेदन और फीडबैक फॉर्म में झूठे व गुमराह करने वाले दावे किए थे।

जांच के बाद सीबीआई ने 31 सितंबर 2016 को कंपनी के डायरेक्टर दीपक गुप्ता, सत्य नारायण द्विवेदी और अमृत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर की। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपियों को दोषी ठहराया और उसी के अनुसार सजा सुनाई।

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