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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:46 · नई दिल्ली संस्करण

सहयोग बढ़ाने के लिए सीबीआई और यूरो-पोल के बीच हस्ताक्षर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई

दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और यूरोपोल

(कानून प्रवर्तन सहयोग के लिए यूरोपीय संघ एजेंसी) ने आज भारत और यूरोप के

कानून प्रवर्तन अधिकारियों के बीच सहयोग के लिए एक कार्य व्यवस्था पर

हस्ताक्षर किए।

यूरो-पोल के कार्यकारी निदेशक

कैथरीन डी बोले और सीबीआई के निदेशक प्रवीण सूद ने आज इस पर हस्ताक्षर किए।

इस आभासी कार्यक्रम में सीबीआई और यूरो-पोल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

हस्ताक्षर

समारोह के दौरान सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद ने दोनों पक्षों में सहयोग की

भावना की सराहना की। उन्होंने कहा, “कार्य व्यवस्था के लिए जमीन तैयार करना

सीबीआई और यूरो-पोल के बीच वर्षों की बातचीत का परिणाम है। यह अपराध से

निपटने और एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण

मील का पत्थर है।”

प्रवीण सूद ने आगे कहा,

“अपराधियों और अपराधों से प्राप्त आय के अंतरराष्ट्रीय फैलाव के कारण

त्वरित अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। आपराधिक नेटवर्क सीमाओं के पार

काम करते हैं, अधिकार क्षेत्र में मतभेदों का फायदा उठाते हैं और छिपने के

लिए आधुनिक प्रौ-द्योगिकियों का लाभ उठाते हैं। आज हमने जिस व्यवस्था पर

हस्ताक्षर किए हैं, उससे हम एक दूसरे का बेहतर सहयोग कर सकेंगे और

पारस्परिक सहायता के माध्यम से चुनौतियों से निपटने में सक्षम होंगे।

यूरो-पोल

की कार्यकारी निदेशक कैथरीन डी बोले ने वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से

निपटने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह कार्य

व्यवस्था न केवल सीबीआई और यूरो-पोल को एक साथ लाती है बल्कि भारत में सभी

कानून प्रवर्तन एजेंसियों और 27 यूरोपीय देशों की सभी कानून प्रवर्तन

एजेंसियों के साथ-साथ यूरो-पोल से जुड़े अन्य देशों और संगठनों के बीच

व्यापक सहयोग को भी सक्षम बनाती है।

उन्होंने

कहा कि इससे संगठित अपराध, वित्तीय अपराध, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद,

साइबर अपराध, मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग,

पर्यावरणीय अपराध, पुरा-अवशेषों और कार्यों सहित सांस्कृतिक कला आदि व

वस्तुओं की अवैध तस्करी वाले अपराधों के विभिन्न रूपों से संयुक्त रूप से

निपटने में सहयोग बढ़ेगा।

उल्लेखनीय है कि इस महीने की शुरुआत में

सीबीआई और इंडिपेंडेंट कमीशन अगेंस्ट करप्शन (आईसीएसी) मॉरीशस ने

भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और संबंधित अपराधों से निपटने में सर्वांगीण

सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे।

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