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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:46 · नई दिल्ली संस्करण

सीबीआई की कार्रवाई : आईटीडीसी के वरिष्ठ व सहायक प्रबंधक 40 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सीबीआई की कार्रवाई : आईटीडीसी के वरिष्ठ व सहायक प्रबंधक 40 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की। भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) के प्रबंधक को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

सीबीआई ने दिल्ली के इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक और सहायक प्रबंधक को ठेकेदार से 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार को दिल्ली में आईटीडीसी कार्यालय परिसर में हुई।

शिकायतकर्ता एक ठेकेदार था, जिसके लंबित बिलों का भुगतान रुका हुआ था। सहायक प्रबंधक ने बिल पास करने के लिए पहले एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद रकम 40,000 रुपए पर तय हुई। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की।

सीबीआई ने तुरंत बुधवार को मामला दर्ज किया और जाल बिछाया। ठेकेदार को निर्देश दिया गया कि वह निर्धारित रकम लेकर आईटीडीसी दफ्तर जाए। जैसे ही सहायक प्रबंधक ने 40,000 रुपए लिए, वरिष्ठ प्रबंधक भी मौके पर मौजूद था और दोनों ने रिश्वत साझा करने की योजना बनाई थी। सीबीआई की टीम ने दोनों को मौके पर धर दबोचा।

इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इसमें एक मुख्य आरोपी रिश्वत मांगने और लेने वाला है और दूसरा सह आरोपी जो रिश्वत में हिस्सा लेने की तैयारी में था। दोनों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि यह पहली बार नहीं था; पहले भी बिल पास करने के नाम पर अनुचित लाभ लिया जाता रहा था।

सीबीआई ने बताया, "भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ यह कार्रवाई हमारी जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।" नागरिकों से अपील की कि रिश्वत मांगने की कोई भी घटना सीबीआई को जरूर बताएं।

बता दें कि आईटीडीसी सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी है, जो होटल अशोक, सम्राट आदि चलाती है। इंजीनियरिंग विभाग में रखरखाव और निर्माण कार्यों के बिल पास करने में देरी और रिश्वतखोरी की शिकायतें पहले भी आती रही हैं।

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