केजरीवाल के काले कारनामों को उजागर करती है कैग रिपोर्टः वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आआपा) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के अपने आधिकारिक आवास शीशमहल पर फिजूलखर्ची का आरोप लगाया।नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सचदेवा ने आरोप लगाया कि 2022 तक नवीनीकरण पर 33.66 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है, लेकिन आज तक कुल व्यय के बारे में कोई जानकारी नहीं है।दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पत्रकार वार्ता में केजरीवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के साथ मिलीभगत करके बंगले के नवीनीकरण के लिए संदिग्ध तरीके से काम किए। उन्होंने कहा कि 2022 तक सीएजी की रिपोर्ट कहती है कि 33.71 करोड़ रुपये खर्च किए गए।सचदेवा ने कहा, " 2020 में कोविड महामारी के दौरान, जब लोग बंद थे, और लोग थे ऑक्सीजन के लिए संघर्ष कर रहे, उस दौरान अरविंद केजरीवाल 'शीशमहल' का एस्टीमेट बना रहे थे। वर्ष 2023-24 की इन्वेंटरी के मुताबिक उनके सरकारी आवास में जो करोड़ों का सामान मिला, वो पीडब्ल्यूडी ने नहीं दिया। निर्माण के अलावा सौंदर्यीकरण के लिए 75-80 करोड़ रुपये खर्च किए गए। जो सामान पीडब्ल्यूडी ने नहीं लगाया है, वह सामान कहां से आया, वह किसका पैसा है? इसका जवाब अरविंद केजरीवाल को देना होगा।"





