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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:31 · नई दिल्ली संस्करण

कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश में 8,146 करोड़ रुपए की 700 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना को दी मंजूरी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई दिल्ली। आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में तातो-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (एचईपी) के निर्माण के लिए 8,146.21 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दे दी है।

इस परियोजना के पूरा होने की अनुमानित अवधि 72 महीने है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सीसीईए की बैठक के अनुसार, 700 मेगावाट (4 x 175 मेगावाट) की स्थापित क्षमता वाली यह परियोजना 2738.06 मिलियन यूनिट ऊर्जा का उत्पादन करेगी।

इस परियोजना से उत्पन्न बिजली अरुणाचल प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार लाने और नेशनल ग्रिड को संतुलित करने में भी मदद करेगी।

यह परियोजना नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनईईपीसीओ) और अरुणाचल प्रदेश सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी।

केंद्र, सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर के अंतर्गत सड़कों, पुलों और संबंधित ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण के लिए 458.79 करोड़ रुपए की बजटीय सहायता प्रदान करेगा, साथ ही राज्य की इक्विटी हिस्सेदारी के लिए 436.13 करोड़ रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगा।

सीसीईए के अनुसार, राज्य को 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली और स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एलएडीएफ) के लिए 1 प्रतिशत की राशि से लाभ होगा, साथ ही क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और सामाजिक-आर्थिक विकास भी होगा।

इस परियोजना के लिए लगभग 32.88 किलोमीटर सड़कों और पुलों के विकास सहित इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा, जो अधिकांशतः स्थानीय उपयोग के लिए उपलब्ध होंगे।

जिले को आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अस्पताल, स्कूल, बाजार, खेल के मैदान आदि के निर्माण से भी लाभ होगा, जिनकी फाइनेंसिंग 20 करोड़ रुपए की समर्पित परियोजना निधि से किया जाएगा।

सीसीईए के अनुसार, स्थानीय आबादी को कई प्रकार के मुआवजे, रोजगार और सीएसआर गतिविधियों से भी लाभ होगा।

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