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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:39 · नई दिल्ली संस्करण

मास्टर प्लान के दायरे में आने वाले कारोबारियों को सर्वे से डरने की जरूरत नहीं: सत्या शर्मा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मास्टर प्लान के दायरे में आने वाले कारोबारियों को सर्वे से डरने की जरूरत नहीं: सत्या शर्मा

नई दिल्ली : दिल्ली के आवासीय क्षेत्रों में चल रहे गैर-आवासीय परिसरों के सर्वे को लेकर मचे घमासान के बीच दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है।

सत्या शर्मा ने स्पष्ट किया कि मास्टर प्लान 2021 और दिल्ली विशेष प्रावधान अधिनियम के तहत आने वाले वैध कारोबारियों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

बाजारों में फैले भ्रम को दूर करते हुए उन्होंने व्यापारियों और संपत्ति मालिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।

उन्होंने व्यापारिक संगठनों को भरोसा दिलाया कि निगम उनके साथ निरंतर संवाद में है और किसी भी वैध कारोबारी के हितों के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।

सत्या शर्मा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर किए जा रहे इस सर्वे का लक्ष्य केवल उन संपत्तियों की पहचान करना है, जो नियमों का गंभीर उल्लंघन कर रही हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सर्वे का मकसद छोटे और नियमों का पालन करने वाले दुकानदारों को परेशान करना नहीं बल्कि बड़े स्तर पर हो रहे अवैध व्यावसायिक अतिक्रमण और गैर-कानूनी गतिविधियों पर नकेल कसना है।

अध्यक्ष ने जानकारी दी कि मास्टर प्लान दिल्ली 2021 के तहत 'मिश्रित उपयोग' की अनुमति है। इसके तहत रिहायशी इलाकों में 20 वर्ग मीटर तक की छोटी दुकानें और 24 श्रेणियों की सेवाएं पूरी तरह वैध हैं।

इनमें दैनिक आवश्यकताएं: किराना, फल-सब्जी, डेयरी, दवा की दुकानें, सेवाएं: दर्जी, ब्यूटी पार्लर, ड्राई क्लीनर, मोबाइल मरम्मत, फोटोकॉपी, पेशेवर गतिविधियां: क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब, ट्यूशन सेंटर, ट्रैवल एजेंसी और अन्य: स्टेशनरी, साइबर कैफे और छोटी खाद्य इकाइयां शामिल हैं।

सत्या शर्मा ने कहा कि इस अधिनियम के तहत जिन इलाकों या परिसरों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है, वे भी सुरक्षित रहेंगे। जब तक इन क्षेत्रों के नियमितीकरण या पुनर्विकास की अंतिम नीति लागू नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक बनी रहेगी।

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