बजट: भूटान को दी गई सबसे ज्यादा सहायता, मालदीव दूसरे स्थान पर
नई
दिल्ली, 1 फ़रवरी केन्द्रीय बजट में दी गई जानकारी के अनुसार
भूटान को ग्रांट और ऋण के तौर पर भारत की ओर से किसी देश को दी जाने वाली
सबसे ज्यादा सहायता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार
को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम और अंतरिम बजट पेश किया। इसके
बाद दी गई जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 के संशोधित अनुमान के
अनुसार भारत सरकार ने विदेशी सरकारों को 6,541.79 करोड़ रुपये प्रदान किए
हैं। इसमें अनुदान के रूप में 4,927.43 करोड़ रुपये और ऋण के रूप में
1,614.36 करोड़ रुपये हैं। 2023-24 के लिए 5,848.58 करोड़ रुपये के बजट
अनुमान से यह आंकड़ा ज्यादा है।
वित्त मंत्रालय के बजट में दी गई
जानकारी के अनुसार भूटान को सबसे अधिक 2398.97 करोड़ रुपये (1614.36 करोड़
रुपये ऋण) की सहायता दी गई है। इसके बाद मालदीव का नाम आता है। इस समुद्री
पड़ोसी मालदीव को 770.90 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके बाद नेपाल को 650
करोड़ रुपये, म्यांमार को 370 करोड़ रुपये, मॉरीशस को 330 करोड़ रुपये,
अफगानिस्तान को 220 करोड़ रुपये, बांग्लादेश को 130 करोड़ रुपये, श्रीलंका
को 60 करोड़ रुपये, सेशेल्स को 9.91 करोड़ रुपये और मंगोलिया को 5 करोड़
रुपये की सहायता दी गई है।





