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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:36 · नई दिल्ली संस्करण

फिक्‍की ने कहा-बजट समावेशी, रोजगार सृजन और काैशल विकास पर दिया गया जोर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई

दिल्‍ली, । भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने

कहा कि केंद्रीय बजट समावेशी है, जिसमें गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजन और

कौशल विकास पर जोर दिया गया है। ये बजट कृषि और विनिर्माण के बीच संतुलन

बनाता है, जिसमें सेवाओं के तत्व भी शामिल हैं।

फिक्की अध्यक्ष

डॉ. अनीश शाह ने मंगलवार को केंद्रीय बजट 2024-25 पर प्रतिक्रिया देते हुए

यह बात कही। शाह ने कहा कि फिक्की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को

विकासोन्मुखी बजट पेश करने के लिए बधाई देता है, जिसमें अल्पकालिक मांग

प्रोत्साहन और मध्यम से दीर्घकालिक विकास अनिवार्यताओं पर केंद्रित

कार्रवाई दोनों ही शामिल हैं, जबकि राजकोषीय अनुशासन को बनाए रखा गया है।

अनीश

शाह ने चालू वित्‍त वर्ष 2024-25 के बजट पर कहा कि यह बजट कृषि और

विनिर्माण के बीच संतुलन बनाता है, जिसमें सेवाओं के तत्व भी शामिल हैं। इस

बजट की नीति घोषणाओं में निरंतरता है। इस बजट के सरलीकरण से व्यापार करने

में आसानी होगी, विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

उन्‍होंने कहा कि

केंद्रीय बजट 2024-25 का फोकस क्षेत्र उद्योग के लिए फिक्की की प्रमुख

प्राथमिकताओं के अनुरूप है। हमें ये जानकर खुशी हो रही है कि बजट में

फिक्की के कई सुझावों पर विचार किया गया है, जैसा कि कृषि अनुसंधान में

तेजी लाने, विनिर्माण में महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने, विनिर्माण

प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार के लिए कारक बाजार सुधारों के साथ-साथ हरित

अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उपायों के प्रस्तावों में देखा गया है।

शाह

ने कहा कि केंद्रीय बजट 2024-25 में अनुसंधान और नवाचार पर ध्यान दिया गया

है। इसके साथ ही बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय पर जोर है, जबकि

प्रौद्योगिकी का उपयोग करने, महिलाओं, किसानों और एमएसएमई को समर्थन और

स्थिरता को बढ़ावा देना बजट के प्रमुख विषय हैं, जिसका इस केंद्रीय बजट

प्रस्तावों में प्रमुखता से उल्‍लेख किया गया है।

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