मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:35 · नई दिल्ली संस्करण

बजट में पूंजीगत खर्च बढ़ाने पर हुआ फोकस, मध्यम अवधि में स्थिर विकास में मिलेगी मदद: रिपोर्ट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बजट में पूंजीगत खर्च बढ़ाने पर हुआ फोकस, मध्यम अवधि में स्थिर विकास में मिलेगी मदद: रिपोर्ट

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 संतुलित और व्यवहारिक रहा है और इससे मध्यम अवधि में विकास दर को स्थिर रखने में मदद मिलेगी। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में पूंजीगत व्यय विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र पर नए सिरे से दिए गए जोर की सराहना की, जो राजकोषीय समेकन के कारण संभव हुआ।

ब्रोकरेज फर्म ने भारत में डेटा सेंटर्स और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता की सरहाना की। इससे घरेलू टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

ब्रोकरेज फर्म ने आगे कहा कि सरकार की रणनीति स्पष्ट तौर पर देश की लंबी अवधि की निर्यात की प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप ही है और निर्यात बढ़ाने पर केंद्रित है।

ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) में वृद्धि सरकार की डेरिवेटिव ट्रेडिंग की बढ़ती मात्रा के प्रति असुविधा का संकेत है। हालांकि फर्म ने यह भी कहा कि इसका परिणाम पूंजी बाजार के शेयरों और ब्रोकरेज कंपनियों पर नकारात्मक होगा।

रिपोर्ट में कहा गया कि पूंजीगत व्यय बढ़ने से बजट सीमेंट और डिफेंस कंपनियों के लिए काफी सकारात्मक रहा। साथ डेटा सेंटर से जुड़े ऐलान के बाद रियल्टी और डेटा सेंटर से जुड़े शेयर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश किया, जिसमें कुल बजट व्यय 53.47 लाख करोड़ रुपए रखा गया है। राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत पर लक्षित है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान 4.4 प्रतिशत से बेहतर है।

पूंजीगत व्यय में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो हाल के समय में किए गए सबसे बड़े आवंटनों में से एक है और जीडीपी के 4.4 प्रतिशत के बराबर है।

सबसे बड़ी वृद्धि रक्षा क्षेत्र में हुई, जिसके लिए कुल 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें से 2.31 लाख करोड़ रुपए पूंजीगत व्यय के लिए हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें