हैवानियत: बिहार पुलिस की महिला दारोगा ने होमगार्ड कॉन्स्टेबल को चाकूओं से गोदा
पटना।बिहार पुलिस की महिला दारोगा की दारोगाई की रोब और दबंगई से एक बार फिर बिहार शर्मशार हुआ है। नव पदस्थापित महिला दारोगा ने ड्यूटी पर संतरी के रूप में तैनात होमगार्ड की एक जवान को जमकर लाठी डंडे की पिटाई की और उससे भी मन नहीं भरा तो चाकू से कई वार कर गंभीर रूप से जख़्मी कर दिया। जख्मी जवान की इलाज अस्पताल में हो रही है लेकिन पुलिस अपने महिला दारोगा को बचाने में लगी है। इस मामले में वरीय पदाधिकारियों ने चुपी साधी है। जानकारी के अनुसार पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल मुख्यालय थाने में नई पद स्थापना के लिए आई जक्कनपुर थाने से महिला दारोगा गीता कुमारी की दारोगाई की रोब और दबंगई की करतूत पुलिस की शर्मशार करने वाली घटना सामने आई है। दारोगा गीता कुमारी ने जब पटना से अपने सामान के साथ पालीगंज थाने में योगदान देने आई तो उस समय संतरी ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड के जवान सूबे लाल कुमार को अपने सभी सामान को गाड़ी से उतार कर कमरे में शिफ्ट करने को कहा जिसपर होमगार्ड के जवान सूबेलाल कुमार ने संतरी ड्यूटी पर होने की हवाला देते हुए जाने से इंकार कर दिया। जिसपर गीता कुमारी ने कहा की चलो हम मुंशी से बोल देते है, इसके बाद वह दारोगा की रोबदार आदेश देते हुए अपने कमरे में सामान को शिफ्ट करने कहा, जिसपर मजबूर होकर सुबेलाल कुमार ने गीता कुमारी की समान को उसके कमरे ले जाकर रख दिया। इसके बाद गीता कुमारी ने कमरे में झाड़ू लगाने को कहा जिसका विरोध करते हुए सुबेलाल ने इंकार कर दिया।इसके बावजूद भी गीता कुमारी ने कमरें में झाड़ू मारने और साफ सफाई के लिए मजबूर करते हुए अपने दारोगा की रोबदार दरोगाई करते हुए डबंगई करने लगी जिसका सुबेलाल ने विरोध करता रहा। इसकी बीच दोनों के बीच कहा सुनी होने लगी, होमगार्ड के जवान द्वारा विरोध करने पर अपने को इंसल्ट महसूस करते हुए गीता कुमारी आग बुलबुला हो गई और देखते ही देखते वह सुबेलाल कुमार को लाठी से पीटने लगी यहाँ तक भी मन नहीं भरा तो चाकू से कई वारकर गंभीर रूप से जख़्मी कर कर दिया। जिसकी इलाज एक निजी नर्सिंगहोम में द्वारा किया जा रहा है। यह खबर दो दिन पहले यानी मंगलवार की बताई जा रही है। यह घटना की सचाई अब धीरे धीरे वायरल हो रही है। दबी जुबान से यह चर्चा अब धीरे धीरे तूल पकड़ा जा रहा है, वैसे पुलिस के वरीय पदाधिकारियों द्वारा इस घटना की सच्चाई और अपने महिला दारोगा की शर्मशार करने वाली इस करतूत को दबाते हुए बचाने की कोशिश किया जा रहा है। वरीय पदाधिकारियों ने चुपी साधते हुए इसपर कुछ बोलने से इंकार कर रहे है।





