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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:57 · नई दिल्ली संस्करण

तमिलनाडु में निवेश को बढ़ावा, 67,452 करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर की तैयारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
तमिलनाडु में निवेश को बढ़ावा, 67,452 करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर की तैयारी

चेन्नई। तमिलनाडु सरकार गुरुवार को चेन्नई में 'वेत्री तमिलनाडु इन्वेस्टर्स समिट' का आयोजन करने जा रही है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अगुवाई में आयोजित यह सम्मेलन राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आकर्षित करने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों के भीतर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश लाने का लक्ष्य रखा है।

गिंडी में आयोजित होने वाले इस समिट में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक और कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान तमिलनाडु सरकार 97 कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने जा रही है।

इन प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में 67,452 करोड़ रुपए के निवेश आने की उम्मीद है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में 1,06,998 रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है।

यह निवेशक सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब टीवीके सरकार सत्ता संभालने के बाद अपने 96 दिन पूरे करने जा रही है।

मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जब उनकी पार्टी ने 17वीं विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी।

सत्ता में आने के बाद सरकार ने प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

सरकार ने पिछले तीन महीनों के दौरान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ लगातार संपर्क बढ़ाया है और तमिलनाडु को विनिर्माण, प्रौद्योगिकी तथा सेवा क्षेत्र के निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

इसी रणनीति का परिणाम है कि सरकार अपने पहले 100 दिनों के भीतर कुल 104 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद कर रही है।

इन सभी प्रस्तावित समझौतों को मिलाकर राज्य में 1,02,514 करोड़ रुपए के निवेश और लगभग 1,21,788 नौकरियों के सृजन का अनुमान लगाया गया है।

इनमें से अधिकांश निवेश प्रतिबद्धताएं गुरुवार को होने वाले निवेशक सम्मेलन में घोषित होने की संभावना है।

राज्य सरकार के अधिकारियों का मानना है कि ये परियोजनाएं तमिलनाडु के औद्योगिक आधार को और मजबूत करेंगी तथा कुशल कामगारों, स्नातकों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेंगी। निवेश प्रस्तावों में विनिर्माण, तकनीक, सेवाएं और अन्य उभरते क्षेत्रों को शामिल किए जाने की संभावना है।

सरकार इस अवसर पर यह भी स्पष्ट कर सकती है कि निवेश समझौतों को केवल कागजी स्तर पर सीमित न रखकर उन्हें जमीन पर तेजी से लागू करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। इनमें तेज मंजूरी (फास्ट ट्रैक क्लीयरेंस), विभिन्न विभागों के बीच समन्वित सहयोग और निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं।

गुरुवार का यह सम्मेलन नई सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार इसे इस बात के प्रमाण के तौर पर पेश करना चाहती है कि वह कम समय में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन की दिशा में ठोस प्रगति करने में सक्षम है। सम्मेलन के दौरान निवेश करने वाली कंपनियों, परियोजनाओं के स्थान और क्षेत्रवार निवेश से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी साझा किए जाने की संभावना है।

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