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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:55 · नई दिल्ली संस्करण

भाजपा ने हमेशा जातीय जनगणना का समर्थन किया, विपक्ष ने सिर्फ राजनीति की : सम्राट चौधरी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भाजपा ने हमेशा जातीय जनगणना का समर्थन किया, विपक्ष ने सिर्फ राजनीति की : सम्राट चौधरी

पटना। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देश में जातीय जनगणना कराने के केंद्र सरकार के ऐतिहासिक निर्णय की विस्तृत चर्चा करते हुए आज भाजपा कार्यालय में पत्रकाराें से बात करते हुए कहा कि इससे हर जाति के बीच आपसी सद्भाव बनाये रखते हुए सभी जातियों का आर्थिक- सामाजिक विकास तेज होगा। यह एक सकारात्मक कदम है, जबकि कांग्रेस , राजद और इंडी गठबंधन के दलों ने जाति जनगणना पर केवल राजनीति की।सम्राट चौधरी ने कहा कि कांग्रेस तो आजादी के बाद नेहरू काल से मनमोहन सरकार तक जातीय जनगणना और आरक्षण के विरुद्ध रही। चौधरी ने कहा कि कांग्रेस को 2014 में सत्ता से बाहर होने के बाद ही जातीय जनगणना की याद आयी। प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने सभी जातियों के विकास के लिए यह निर्णय किया। बिहार में नीतीश कुमार ने भी जातीय सर्वेक्षण कराया। एनडीए ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया, राजनीति नहीं की।चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और गृहमंत्री अमित शाह ने सितंबर 2024 में कई बार स्पष्ट किया था कि संगठन और सरकार जातीय जनगणना के पक्ष में है। भाजपा ने कभी जातीय जनगणना का विरोध नहीं किया।उन्होंने कहा कि किसी जाति या समुदाय की भलाई के लिए सरकार को आंकड़ों की जरूरत होती है। ऐसा पहले भी हो चुका है, लेकिन इसे सिर्फ समाज की भलाई के लिए किया जाना चाहिए, समाज में कटुता फैलाने के लिए नहीं।उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि कांग्रेस का असली चेहरा तब सामने आया, जब जातीय जनगणना के मुद्दे पर गठित यूपीए सरकार के मंत्री समूह में शामिल तत्कलीन केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने 2011 की जनगणना में जाति को शामिल करने का विरोध किया और कहा कि जातियों की गिनती अलग से कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस जातीय जनगणना का लगातार विरोध करती रही, वही कांग्रेस 2024 के संसदीय चुनाव से पहले जातीय जनगणना की सबसे बड़ी पैरोकार बनने का नाटक करने लगी।श्री चौधरी ने कहा कि 30 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राजनैतिक विषयों की कैबिनेट समिति ने निर्णय लिया कि जातियों की गणना को आने वाली जनगणना में सम्मिलित किया जाए। यह निर्णय सबका साथ, सबका विकास की भावना से प्रेरित है।

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