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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:22 · नई दिल्ली संस्करण

'भारत माता की जय' और 'जय हिंद' के नारे किसी हिंदू-मुसलमान ने नहीं, भारतीय ने लगाए थे : भाजपा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

नई

दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘भारत माता की

जय’ और ‘जय हिंद’ के नारे पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बयान को

विभाजनकारी मानसिकता का प्रतीक बताया और कहा कि ये नारे किसी हिंदू या

मुसलमान ने नहीं बल्कि एक भारतीय ने लगाए थे।

भाजपा

प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता

सम्मेलन में कहा कि कल केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने नागरिकता

संशोधन अधिनियम (सीएए) पर बोलते-बोलते एक बहुत ही विचित्र बयान दिया।

उन्होंने कहा है कि ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ के नारे सबसे पहले दो

मुसलमानों ने लगाए थे, इसलिए क्या इस नारे को त्याग देंगे। त्रिवेदी ने कहा

कि पहली विभाजनकारी मानसिकता यही है कि ये भारत माता की जय और जय हिंद के

नारे एक भारतीय ने लगाए, इन्हें ये नहीं दिखाई पड़ता है, उसमें हिंदू और

मुसलमान दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहूंगा कि ये नारे किसी

हिंदू या मुसलमान ने नहीं बल्कि एक भारतीय ने लगाए थे।

उन्होंने

कहा कि सियासत के मकड़ जाल में इन लोगों ने भारत की एकता के प्रतीक

उद्घोषों को सांप्रदायिकता का प्रतीक बनाने का प्रयास किया। कृपया भारत की

एकता और भारत के गौरव के उद्घोषों के ऊपर विभाजनकारी राजनीति से परहेज

करें।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया

ज्यों-ज्यों आगे बढ़ती जा रही है, त्यों-त्यों अपनी हार को निश्चय देखते

हुए इंडी अलायंस के नेताओं की निराशा, हताशा, कुंठा जहरीली जुबान के रूप

में बाहर आ रही है। पहले भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए अनेक प्रकार

के आपत्तिजनक, अभद्र, निंदनीय बयान दिए गए। अब भारत के अंदर विभाजनकारी व

राष्ट्र की एकता पर आघात करने वाले बयानों तक आ गए हैं। उन्होंने कहा कि इस

बात की संभावना है कि न केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ

कायरतापूर्ण बयान देने के लिए ऊपर से एक राजनीतिक निर्देश दिया जा रहा है

बल्कि देश के लोगों के बीच विभाजनकारी मानसिकता पैदा करने की हद तक जाया जा

रहा है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के

प्रधानमंत्री को लेकर दिये गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा

प्रवक्ता ने कहा कि स्टालिन का यह बयान कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

तमिलनाडु के लोगों के हित के लिए काम नहीं कर रहे हैं, न केवल प्रधानमंत्री

मोदी का अनादर करने के मकसद से दिया गया बयान है बल्कि उनमें असुरक्षा की

भावना का भी प्रतीक है। फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में सबसे

लोकप्रिय नेता हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा है कि अपनी हार

तय देखते हुए इंडी गठबंधन के नेताओं की हताशा कुंठा जहरीली जुबान के तौर पर

बाहर आ रही है। पहले भी नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अनेक निंदनीय बयान दिए गए।

ऐसा लगता है कि ये मोहब्बत की दुकान में किसी सियासी फरमान का हिस्सा है।

कर्नाटक के एक कांग्रेस नेता शिवराज तंगदागी ने कहा है कि जो छात्र

'मोदी-मोदी' के नारे लगा रहे हैं, उन्हें थप्पड़ मारना चाहिए। त्रिवेदी ने

सवाल किया कि क्या लोकतंत्र ऐसे ही चलता है?

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