राष्ट्रवाद के आदिपुरुष" नाट्य मंचन में शामिल हुए भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

"राष्ट्रवाद के आदिपुरुष" नाट्य मंचन में शामिल हुए भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
नई दिल्ली, 8 जुलाई 2025 — भारतीय जनसंघ के संस्थापक, महान शिक्षाविद् और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और राष्ट्रवादी विचारों पर आधारित भव्य नाट्य मंचन "राष्ट्रवाद के आदिपुरुष" की प्रथम प्रस्तुति आज राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित कामानी ऑडिटोरियम में आयोजित की गई। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता स्वयं उपस्थित रहे और कार्यकर्ताओं के साथ नाट्य मंचन का सजीव अनुभव साझा किया।
इस अवसर पर प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया गया। अपने भावुक और प्रेरणास्पद संबोधन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “आज हमने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर आधारित नाट्य 'राष्ट्रवाद का आदिपुरुष' के मंचन के माध्यम से एक अनूठी शुरुआत की है। यह केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक वैचारिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को दिल्ली के जन-जन तक पहुंचाना है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “डॉ. मुखर्जी के विचार, उनका बलिदान और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए दिया गया उनका योगदान, आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक गौरव के लिए जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह समय के परे जाकर राष्ट्र के भविष्य को दिशा देगा।”
इस मंचन के माध्यम से दिल्ली भाजपा ने न केवल एक महान राष्ट्रभक्त को श्रद्धांजलि दी, बल्कि राष्ट्रीय चेतना को जीवंत करने का भी प्रयास किया है। नाट्य प्रस्तुति में डॉ. मुखर्जी के जीवन के विभिन्न आयामों — उनके अकादमिक जीवन, राजनीतिक संघर्ष, जनसंघ की स्थापना और कश्मीर को लेकर उनका ऐतिहासिक आंदोलन — को प्रभावशाली अभिनय और संवादों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
"राष्ट्रवाद के आदिपुरुष" एक जिवंत नाट्य प्रस्तुति है, यह भारत के राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाले उन व्यक्तित्वों की स्मृति को जीवंत रखने का प्रयास है, जिनकी विचारधारा आज भी राष्ट्रवादी चेतना की नींव है।





