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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:20 · नई दिल्ली संस्करण

असम आंदोलन के शहीदों को भाजपा ने दिया उचित सम्मान : सीएम सरमा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
असम आंदोलन के शहीदों को भाजपा ने दिया उचित सम्मान : सीएम सरमा

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सही दिशा में डाला गया एक वोट कई पीढ़ियों के भविष्य को संवारने की ताकत रखता है। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार ने असम आंदोलन के दौरान दिए गए बलिदानों का सम्मान करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में जिम्मेदारी से वोट देने के महत्व पर जोर दिया और असम आंदोलन के शहीदों को सम्मान देने के लिए सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, "एक सही वोट की ताकत पीढ़ियों तक आपके साथ रहती है।"

उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार, असम आंदोलन के शहीदों को ऐसी श्रद्धांजलि दी गई है जो उनके बलिदान की महानता को सही मायने में दर्शाती है।

भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने उस ऐतिहासिक आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाने वालों की विरासत को सम्मान देने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं।

1979 से 1985 तक चला असम आंदोलन एक जन-आंदोलन था जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से छात्रों और नागरिक समूहों ने किया था।

इस आंदोलन की मांग थी कि अवैध प्रवासियों की पहचान करके उन्हें देश से बाहर निकाला जाए और साथ ही राज्य के लोगों की पहचान, संस्कृति व राजनीतिक अधिकारों की रक्षा की जाए।

सरमा ने कहा कि सरकारों की ओर से लिए गए निर्णय केवल प्रशासनिक कदम ही नहीं होते बल्कि वे यह भी तय करते हैं कि कोई समाज अपने अतीत को किस तरह याद रखता है और अपने भविष्य का मार्ग किस प्रकार निर्धारित करता है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस आंदोलन के शहीदों का सम्मान करना वर्तमान पीढ़ी के लिए गर्व और दायित्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा, “कुछ फैसले न सिर्फ़ आज को बल्कि इस बात को भी आकार देते हैं कि हम अपने अतीत का सम्मान कैसे करते हैं और अपने भविष्य का निर्माण कैसे करते हैं।”

चुनाव के दौरान लोगों से सोच-समझकर फ़ैसले लेने का आग्रह करते हुए सीएम सरमा ने मतदाताओं से भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करने की अपील की।

उन्होंने कहा, “समझदारी से चुनें, भाजपा को चुनें।”

मुख्यमंत्री सरमा ने बार-बार यह बात दोहराई है कि असम में भाजपा सरकार राज्य की विरासत की रक्षा करने, मूल निवासियों के समुदायों को संरक्षण देने और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि ऐतिहासिक आंदोलनों के दौरान दिए गए बलिदानों को पूरी गरिमा व सम्मान के साथ याद किया जाए।

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