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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:46 · नई दिल्ली संस्करण

सिख गुरुओं के अपमान पर भाजपा ने आतिशी के इस्तीफे और कड़ी कार्रवाई की मांग की

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
सिख गुरुओं के अपमान पर भाजपा ने आतिशी के इस्तीफे और कड़ी कार्रवाई की मांग की

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के कथित बयान को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने आतिशी पर तीखा हमला बोलते हुए न सिर्फ माफी, बल्कि कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मामला सिख गुरुओं के सम्मान से जुड़ा होने के कारण और भी संवेदनशील हो गया है।

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी पिछले तीन दिनों से विधानसभा में उपस्थित नहीं हुई हैं। आतिशी दिल्ली में ही हैं और उन्हें यह एहसास भी है कि उनसे गलती हुई है, इसके बावजूद वे न तो सदन में आईं और न ही माफी मांग रही हैं।

प्रवेश वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा की मांग है कि उन्हें माफ नहीं, बल्कि दंडित किया जाए।

वहीं, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी पर दोहरे मापदंड अपनाने और अयोग्यता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब दो दिन पहले सदन में गुरुओं के सम्मान पर चर्चा हो रही थी, तब 'आप' नेताओं ने अशोभनीय टिप्पणियां कीं।

सरकार ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी के बयान पर सफाई देने का पूरा मौका दिया, लेकिन 'आप' नेताओं ने चर्चा को प्रदूषण के मुद्दे की ओर मोड़ने की कोशिश की।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि विधानसभा में आतिशी द्वारा बोले गए शब्दों को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है। यह विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक आतिशी अपने पद से इस्तीफा नहीं देतीं।

भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि आतिशी ने गुरु तेग बहादुर का अपमान किया है। इस्तीफा देना बाद की बात है, पहले उन्हें दरबार साहिब जाकर माथा टेकना चाहिए, सेवा करनी चाहिए, जूते पॉलिश करने, बर्तन धोने और कर सेवा करने की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो देश के हिंदू और सिख समुदाय इसका विरोध करेंगे।

भाजपा नेता आदेश गुप्ता ने कहा कि गुरुओं के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी किसी भी सूरत में माफ किए जाने योग्य नहीं है और आतिशी को अपमानजनक टिप्पणी के लिए इस्तीफा देना चाहिए।

भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने बताया कि अध्यक्ष ने इस मामले में वीडियो सैंपल भेज दिया है और 15 दिन की समय-सीमा तय की गई है। 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट आने के बाद विशेष सत्र बुलाया जाएगा और आतिशी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने इसे बेहद दुखद बताते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा शर्मनाक और निंदनीय है, जो भारत की आध्यात्मिक विरासत में योगदान देने वाले महान संतों का अपमान है।

इस बीच भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने गुरु तेग बहादुर की 350वें शहीदी पर्व पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें न केवल दिल्ली, बल्कि पूरे देश से संगत ने भाग लिया और कार्यक्रम की व्यापक सराहना हुई।

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने विधानसभा की कार्यवाही को स्पष्ट करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान में चर्चा की शुरुआत उन्होंने की थी और अंत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संबोधन दिया। इसके बाद जब मंत्री इंद्रजीत अगले विषय पर बोलने के लिए खड़े हुए, तभी आतिशी ने विपक्ष की ओर से बोलना शुरू कर दिया, जिससे विवाद की स्थिति बनी।

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