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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:26 · नई दिल्ली संस्करण

उद्योग में नई इबारत लिखेगा बिहार, औद्योगिक हब बनाने की तैयारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
उद्योग में नई इबारत लिखेगा बिहार, औद्योगिक हब बनाने की तैयारी

पटना। बिहार अब औद्योगिकरण की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। सिर्फ पटना ही नहीं दूसरे जिलों में भी बड़े पैमाने पर औद्योगिक पार्क या हब विकसित किए जा रहे हैं। गयाजी, मुंगेर, मधबुनी समेत अन्य स्थानों पर औद्योगिक पार्क को तेजी से विकसित किया जा रहा है, जिससे राज्य की आर्थिक तस्वीर बदलेगी।गयाजी में बनेगा राज्य का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्रपटना के बिहटा के बाद अब गयाजी सबसे बड़े औद्योगिक हब के रूप में स्थापित होने जा रहा है। यहां 1,670 एकड़ में एक अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क की स्थापना की जाएगी। गयाजी में औद्योगिक विकास की बड़ी तस्वीर उभर रही है जहां राज्य के सबसे बड़ा औद्योगिक क्लस्टर स्थापित होने वाला है। अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत डोभी क्षेत्र में इंटिग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर 1,339 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे जिससे बिहार के चौमुखी विकास को गति मिलेगी।इस हब में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए 192.05, फर्नीचर के लिए 83.50, रेडिमेड परिधान और लेदरलाइट के लिए 192.05, तकनीकी उद्योग क्लस्टर के लिए 233.80, भवन निर्माण सामग्री के लिए 133.72, हथकरघा एवं हस्तशिल्प के लिए 16.70,लॉजिस्टिक्स के लिए 50.10 और सामान्य रेडी शेड्स के लिए 16.70 एकड़ जमीन का उपयोग किया जाएगा। यहां 43 हजार रोजगार के अवसर विकसित होंगे। इसमें प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से औद्योगिक क्षेत्र में 57 हजार और 9 हजार वाणिज्यक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।प्रदेश में भाजपा कोटे से उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने इस बाबत बातचीत में बताया कि आने वाले वर्षों में बिहार में उद्यम स्थापित करने के लिए अधिक से अधिक भूमि मिल सके, इस दिशा में विभाग लगातार काम कर रहा है।उन्होंने कहा किमुंगेर से मधुबनी और चम्पारण से किशनगंज तक औद्योगिक विकास को लेकर विभागा लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुंगेर के संग्रामपुर अंचल में 50 एकड़ सराकरी जमीन उद्योग विभाग को सौंपी जा चुकी है। जहां इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण चल रहा है। वैशाली जिले के जनदाहा, राजा पाकड़ और महुआ में कुल 1243.45 एकड़, सीतामढ़ी के नानपुर और सोनवर्षा, मधुबनी के झंझारपुर में 712 एकड़ औद्योगिक पार्क बनाने की प्रक्रिया चल रही है।21 हजार एकड़ भूमि चिन्हित,7 पिछड़े जिले भी शामिलमुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की घोषणा की गई थी। इसके आलोक में बिहार के विभिन्न जिलों से जिसमें उन सात जिलों जहां पूर्व में कोई औद्योगिक क्षेत्र नहीं था- अरवल, जमुई , कैमूर, सारण,शेखपुरा,शिवहर एवं बांका को भी शाामिल करते हुए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए जमीन चिन्हित की जा रही है। उद्योग विभाग को अबतक कुल 21273.07 एकड़ भूमि का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है जिसमें से 18059.12 रैयती और 3162.88 सरकारी भूमि हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से अबतक कुल 457.35 एकड़ भूमि विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है। बिहार अब सिर्फ कृषि नहीं, बल्कि उद्योगों के नक्शे पर भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है।

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