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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:44 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार पुलिस ने गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में छात्राओं की सुरक्षा के लिए सख्त दिशा-निर्देश किए जारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
बिहार पुलिस ने गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में छात्राओं की सुरक्षा के लिए सख्त दिशा-निर्देश किए जारी

पटना। बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य भर के सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल के दिनों में कुछ आपराधिक घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस ने इन जगहों पर सख्त नियम लागू करने का फैसला किया है।

यह दिशा-निर्देश अपराध अनुसंधान विभाग और कमजोर वर्ग प्रभाग की ओर से 4 फरवरी को जारी किए गए हैं, जिन्हें सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेजा गया है।

सरकार का मानना है कि महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा और स्वावलंबन के लिए सुरक्षित वातावरण बहुत जरूरी है। संविधान के अनुच्छेद 16 और 21 के तहत महिलाओं को समान अवसर और सम्मानजनक जीवन का अधिकार मिला है।

इसी वजह से बालिकाएं उच्च शिक्षा के लिए परिवार से दूर हॉस्टल या लॉज में रहकर पढ़ाई करती हैं। लेकिन, कुछ घटनाओं ने सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है। इसलिए पुलिस ने छात्राओं को सुरक्षित रखने के लिए विस्तृत परामर्श जारी किया है।

नए नियमों के अनुसार, राज्य के हर थाना क्षेत्र में चल रहे सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का अनिवार्य पंजीकरण थाने में होना चाहिए। थाने में एक अलग रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें हॉस्टल का पूरा पता, मालिक का नाम और अन्य विवरण दर्ज होंगे। इस रजिस्टर की जिम्मेदारी थाने की महिला हेल्प डेस्क की होगी।

हर हॉस्टल में वार्डन अनिवार्य रूप से महिला होनी चाहिए, जो 24 घंटे मौजूद रहे। वार्डन, गार्ड, रसोइया, सफाईकर्मी समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन जरूरी होगा और सारे विवरण थाने के रजिस्टर में दर्ज किए जाएंगे।

सुरक्षा के लिए हॉस्टल के मुख्य द्वार, गलियारों, डाइनिंग एरिया और पूरे परिसर में हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें वॉयस रिकॉर्डिंग की सुविधा हो और रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रहे।

चारों ओर पर्याप्त रोशनी, मजबूत दरवाजे, अंदर से कुंडी, मजबूत ताले और खिड़कियों पर लोहे की जाली अनिवार्य होगी। कमरों का आकार और छात्राओं की संख्या भवन निर्माण कोड के अनुसार होनी चाहिए। साफ-सफाई और स्वच्छता पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा।

विजिटर के लिए रजिस्टर अनिवार्य होगा, जिसमें आने वाले हर व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण दर्ज होगा।

छात्राओं के रहने वाले क्षेत्र में पुरुषों (रिश्तेदारों सहित) का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मिलने के लिए अलग विजिटर रूम की व्यवस्था होगी। छात्राओं और स्टाफ की रात्रि उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।

हर हॉस्टल में रिसेप्शन और कॉमन एरिया में स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड और आपातकालीन नंबर 112 के पोस्टर लगाए जाएंगे।

छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के महिला सुरक्षा फीचर्स के बारे में बताया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि में वार्डन को तुरंत अभिभावकों और पुलिस को सूचना देनी होगी।

थानाध्यक्ष महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड के साथ मिलकर इन व्यवस्थाओं की जांच करेंगे। अभया ब्रिगेड रोजाना हॉस्टल का दौरा करेगी, छात्राओं से बात करेगी और समस्याओं की जानकारी थाने को देगी। यदि कोई गंभीर मामला सामने आए तो तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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