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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:36 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार: जदयू ने 'लालू राज' की तस्वीरों की लगाई प्रदर्शनी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार: जदयू ने 'लालू राज' की तस्वीरों की लगाई प्रदर्शनी

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होने वाला है। इसे लेकर सभी दल अपना पूरा जोर लगाए हुए हैं। इस बीच, एनडीए में शामिल जदयू ने शनिवार को राजद के शासनकाल की तस्वीरों और उस समय के समाचार पत्रों की कटिंग की एक प्रदर्शनी लगाई है।

पटना में जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के सरकारी आवास के बाहर लगाई गई इस प्रदर्शनी में उस दौर से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर पोस्टर भी लगाया गया है। इस पोस्टर के जरिए राजद के शासनकाल में नरसंहार की घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है।

एक पोस्टर में लिखा गया है, "वो दौर जब जातीय विद्वेष और बंदूक का शासन था.. भूलेगा नहीं बिहार, वो 118 नरसंहार, जहां इंसानियत रोई थी और सत्ता मुस्कुरा रही थी।

नरसंहारों की चीखें आज भी बिहार की मिट्टी में गूंजती हैं। नरसंहार।"

प्रदर्शनी को लेकर जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि लालू राज की प्रदर्शनी इसलिए लगाई गई है कि तेजस्वी यादव के चुनाव प्रचार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी गईं, नामांकन में लालू यादव गए, इसे लेकर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जब लालू यादव रीतलाल यादव के प्रचार करने गए, तो यह साफ है कि लालूवाद का प्रतिनिधित्व कैसे होगा।

उन्होंने कहा, "भूलेगा नहीं बिहार, वह लालूवाद का जंगलराज। उस समय क्या हालात थे? वह लालूवाद का खौफनाक मंजर आज भी याद है।"

उन्होंने कहा कि लफंगे नेताओं के हाथ में सत्ता थी। उस दौर के कई समाचार पत्रों के कतरनों को दिखाते हुए उन्होंने कहा कि उस समय की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी बोलती थीं कि मंत्रिमंडल में शामिल मंत्री भ्रष्टाचारी हैं। उस समय उच्च न्यायालय ने कहा था कि रिश्तेदारों को ठेका दिया जाता है।

उन्होंने साफ कहा कि ये वे नहीं बोल रहे हैं, उस समय ये खबर अखबार में छपती थी। उस समय कानून खामोश था। उन्होंने कहा कि जब लालू यादव मैदान में उतर गए तो बिहार और देश की जनता को उस समय को याद कराना जरूरी था।

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