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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:34 · नई दिल्ली संस्करण

दिल्ली पुलिस ने 35 साल पुराने मर्डर केस का फरार दोषी दबोचा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दिल्ली पुलिस ने 35 साल पुराने मर्डर केस का फरार दोषी दबोचा

नई दिल्ली। दिल्ली में अपराध शाखा की ईआर-II टीम ने एक लंबे समय से फरार चल रहे दोषी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी का नाम सुशील कुमार उर्फ गुड्डू बताया गया है, जो दिल्ली का रहने वाला है।

यह मामला काफी पुराना है और 1989 में थाना कृष्णा नगर में दर्ज हत्या केस से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि 6-7 अक्टूबर 1989 की रात रामलीला कार्यक्रम के दौरान ज्ञान पार्क इलाके में एक झगड़ा हुआ था। इसी दौरान आरोपी ने विवेक नाम के व्यक्ति की गर्दन पर चाकू से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।

शुरुआत में आरोपी को 1993 में जमानत मिल गई थी, लेकिन बाद में अदालत ने 11 अक्टूबर 2000 को उसे दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई। बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2017 में उसकी अपील खारिज कर दी और सजा बरकरार रखी गई। इसके बावजूद आरोपी ने कोर्ट के आदेश के बाद आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया।

सालों तक यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया क्योंकि आरोपी का कोई ठोस पता या फोटो तक उपलब्ध नहीं था।

ईआर-II क्राइम ब्रांच की टीम को जब वरिष्ठ अधिकारियों ने फरार दोषियों की सूची सौंपी, तब इस केस को गंभीरता से दोबारा खोला गया।

टीम में एएसआई सतेंद्र, हेड कांस्टेबल प्रिंस, मोहित और राजीव शामिल थे, जिनका नेतृत्व इंस्पेक्टर सुनील कुंडु कर रहे थे और पूरी निगरानी एसीपी नरेंद्र सिंह के पास थी।

टीम ने पुराने रिकॉर्ड खंगाले, कोर्ट की अपील से जुड़े डिजिटल दस्तावेजों का विश्लेषण किया और धीरे-धीरे कुछ अहम सुराग जुटाए।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अब शाहदरा के वेस्ट ज्योति नगर इलाके में एक किराए के मकान में रह रहा था। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे संबंधित अदालत में पेश किया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।

अधिकारियों के अनुसार, यह केस इसलिए भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि घटना को 35 साल से ज्यादा हो चुके थे और समय के साथ सभी पुराने रिकॉर्ड लगभग खत्म हो चुके थे। इसके बावजूद टीम ने लगातार मेहनत और तकनीकी मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे पकड़ने में कामयाबी हासिल की।

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